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नवीनतम गतिविधियॉं

2018

एनबीसीसी में सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया गया

भारत सरकार के अधीन नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी द्‌वारा “भ्रष्टाचार मिटाओ- नया भारत बनाओ” विषय पर दिनाँक 29 अक्टूबर से 3 नवंबर, 2018 तक पूर्ण उत्साह के साथ 'सतर्कता जागरूकता सप्ताह' मनाया गया। कंपनी द्वारा आयोजित सप्ताह भर के कार्यक्रम की मुख्य विशेषताओं में, 'पारदर्शिता' नामक सतर्कता बुलेटिन और एनबीसीसी के सतर्कता विभाग द्‌वारा जागरूकता फैलाने और सतर्क प्रथाओं पर मूल्यवान अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए विचार-विमर्श करने वाले पोस्टर जारी किए गए।


डॉ. अनूप कुमार मित्तल, सीएमडी, एनबीसीसी के साथ डॉ. तेजेंद्र मोहन भसीन, सतर्कता आयुक्त और सर्व / श्री संजीव स्वरूप, मुख्य सतर्कता अधिकारी; राजेंद्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य) और एनबीसीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बुलेटिन और पोस्टर जारी किए। निगमित सतर्कता प्रभाग ने इस अवसर पर देश भर के सभी एनबीसीसी कार्यालयों में कई अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियों का भी आयोजन किया है, जिसमें सतर्कता और सत्यनिष्ठा प्रतिज्ञा, सतर्कता पर संवाद सत्र, प्रेरक व्याख्यान सत्र, निबंध और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं को शामिल किया गया ।


एनबीसीसी झारखंड में एम्स का निर्माण करेगी

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड जो आवासान और शहरी कार्य मंत्रालय के अधीन एक नवरत्न सीपीएसई है, ने देवघर, झारखंड में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान की आयोजना, डिजाइनिंग और निर्माण के लिए 902 करोड़ रुपये लागत की प्रतिष्ठित परियोजना प्राप्त की है। एनबीसीसी को यह परियोजना प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना (पीएमएसएसवाई) के तहत स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदान की गई है।


एमबीसीसी देश की स्वास्थ्य अवसंरचना क्षेत्र में प्रमुख प्रवर्तक रहा है तथा देश भर में ईएसआईसी अस्पतालों, विभिन्न राज्य सरकारों के चिकित्सा महविद्यालयों तथा अस्पतालों जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएँ को प्राप्त कर रहा है। कंपनी द्वारा ऐसी ही कई बड़ी परियोजनाओं को पहले ही निष्पादित किया जा चुका है जिनमें सेंटर फॉर डेंटल एजुकेशन एंड रिसर्च, एम्स, नई दिल्ली; कोयंबटूर में 500 बिस्तर वाला ईएसआईसी चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल, तमिलनाडु; ईएसआईसी अस्पताल, गुरुग्राम; असम में गुवाहाटी चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल; मंडी, हिमाचल प्रदेश में ईएसआईसी चिकित्सा महाविद्यालय; सोनीपत और मेवात में चिकित्सा महाविद्यालय और 500 बिस्तर वाला अस्पताल; डूंगरपुर, राजस्थान में चिकित्सा महाविद्यालय; ईस्टर्न कमांड मिलिस्ट्री अस्पताल, कोलकाता; एम्स, दिल्ली का ट्रॉमा सेंटर; सफदरजंग अस्पताल में स्पोर्ट्स इंजुरी सेंटर तथा इसी प्रकार की कई और परियोजनाएँ शामिल हैं।


राजनाथ सिंह ने सीएपीएफ रेफरल अस्पताल का उद्‌घाटन किया

केंद्रीय गृह मंत्री, श्री राजनाथ सिंह ने आज अत्याधुनिक तकनीक से युक्त नवीनतम हाई-टेक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस 200 बिस्तर वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल रेफरल अस्पताल का उद्‌घाटन किया।


ग्रेटर नोएडा में स्थित यह रेफरल अस्पताल, गृह मंत्रालय के सुनियोजित उन्नतीकरण और नवीनीकरण कार्यक्रम का भाग है जिसका उद्देश्य अतिरिक्त सुविधाओं का सृजन कर संघटित अस्पतालों के नेटवर्क को बढ़ाना है।


नवरत्न पीएसयू एनबीसीसी (इंडिया‌) लिमिटेड द्वारा निर्मित यह अस्पताल भूतल के अतिरिक्त तीन मंजिला तथा मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर, सौर ऊर्जा जल तापन प्रणाली, वर्षा जल संचयन, अग्निशमन और अग्नि सूचक प्रणाली आदि जैसी सुविधाओं से सुसज्जित है।


एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने कहा कि “नया सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बहुत बड़ी स्वास्थ्य परिसंपत्ति साबित होगा क्योंकि यह पुलिस बल के अनेक कार्मिकों और उनके परिवारों को तीव्र और उच्च गुणवत्ता वाला उपचार प्रदान करेगा। यह हमारी जनसंख्या के बड़े हिस्से में शामिल हजारों भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के लिए किफायती और भरोसेमंद उपचार विकल्प भी होगा।”


अस्पताल का निर्माण 30 महीनों की समय-सीमा के भीतर पूर्ण हुआ।


यह अस्पताल देश-सेवा में रत सशस्त्र पुलिस बल के कार्मिकों को सर्वोत्तम संभव सुविधाएं प्रदान करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है।

एनबीसीसी को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया(सेल) से 250 करोड़ रुपये का आदेश प्राप्त हुआ।

नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्‌यम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) से स्टील प्लांट, राउरकेला में 250 करोड़ रुपये की लागत वाले पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल इंस्टीट्यूट और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण के लिए कार्य आदेश मिला है।

प्रस्तावित अस्पताल में कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलोजी जैसे सुपर-स्पेशलिटीज के लिए 156 बिस्तर होंगे। 3 लाख वर्ग मीटर में फैले हुए इस कार्यक्षेत्र में नया सुपर-स्पेशलिटी ब्लॉक, 500 सीटर ऑडिटोरियम और मेडिकल इंस्टीट्यूट होगा।

एनबीसीसी, भवन को 'स्टील इंटेंसिव' संरचना के रूप में आयोजना और डिजाइन करेगा और हरे और ऊर्जा कुशल प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके परियोजना प्रबंधन सलाहकार के रूप में कार्यों को निष्पादित करेगा।

विकास पर बोलते हुए, एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने कहा, "देश भर में विश्व स्तरीय शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में हमारे पास व्यापक अनुभव है। संधारणीय विकास हमारा सतत प्रयास है, जिसे हम गुणवत्ता और समय पर वितरण सुनिश्चित करने के लिए अवधारणा चरण से सीधे अपनाते हैं। "

एनबीसीसी देश के स्वास्थ्य अवसंरचना क्षेत्र में एक प्रमुख निष्पादक रहा है और यह देश भर में ईएसआईसी अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों और विभिन्न राज्य सरकारों के अस्पताल जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू कर रही हैं।

एनबीसीसी ने पहली तिमाही में आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की

पिछले वर्ष की तुलना में वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में समेकित राजस्व 19.56% तक बढ़ा, पिछले वर्ष की तुलना में निवल लाभ 25.11% तक बढ़ा

परिणाम की विशेषताएँ
वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही के समेकित परिणाम (वित्तीय वर्ष 18 की पहली तिमाही की तुलना में)
कुल आय : वित्तीय वर्ष 18 की पहली तिमाही के 1,587.55 करोड़ रुपये की तुलना में वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में 1,898.13 करोड़ रुपये
कर पश्चात्‌ लाभ : वित्तीय वर्ष 18 की पहली तिमाही के 61.26 करोड़ रुपये की तुलना में पहली तिमाही वित्तीय वर्ष 19 में 76.65 करोड़ रुपये
तिमाही की मुख्य विशेषताएँ:
वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही में 4023.15 करोड़ रुपये मूल्य के कुल आदेश प्राप्त किए।

आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने अप्रैल-जून की तिमाही में, पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में 25.11% के समेकित निवल लाभ के साथ शानदार प्रदर्शन किया है।

कंपनी ने 30 जून, 2018 को समाप्त तिमाही के लिए, पिछले वित्तीय वर्ष की समान तिमाही के दौरान 61.26 करोड़ रुपये के निवल लाभ की तुलना में, 76.65 करोड़ रुपये का समेकित निवल लाभ दर्ज किया है, जो 25.11% की मजबूत वृद्धि को दर्शाता है।

रिपोर्टिंग तिमाही के लिए समेकित कुल आय 1,898.13 करोड़ रुपये है जो पिछले वर्ष की तुलना में 19.56% अधिक है।

वित्तीय वर्ष 19 की पहली तिमाही की कुल एकल आय, वित्तीय वर्ष 18 की पहली तिमाही की 1,671.33 करोड़ रुपये की तुलना में, 29.93%. की वृद्धि दर्ज करते हुए 1,286.31 करोड़ है।

परिणामों पर चर्चा करते हुए, एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने कहा, "देश में अवसंरचना विकास को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार की पहल के साथ परिचालन क्षमता ने एनबीसीसी को इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लिए सुदृढ़ विकास दर्ज करने में सक्षम बनाया है। तिमाही के दौरान, एनबीसीसी ने विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों से परियोजनाएं प्राप्त की हैं।"

हाल ही में एनबीसीसी को दुबई एक्सपो, 2020 हेतु इंडियन पवेलियन बनाने के लिए 400 करोड़ रुपये का अनुबंध दिया गया है। वर्तमान में कुल शेष आदेश बही 80,000 करोड़ रुपए है।

कंपनी ने अप्रैल-जून वित्तीय वर्ष 2019 की अवधि के दौरान एम्स बिलासपुर, पीएमजीएसवाई वर्क्स, कौशल विकास संस्थान (एसडीआई) भुवनेश्वर, अफ्रीकी देशों में सम्मेलन केंद्र जैसी परियोजनाएं भी प्राप्त की हैं।

नई रोशनी में जगमगाता लालकिला

इस स्वतंत्रता दिवस, दिल्ली का लालकिला एक नया रूप प्राप्त करेगा। इसका श्रेय भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण तथा नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को जाता है। सूर्यास्त के बाद 17 वीं शताब्दी की इस विश्वप्रसिद्ध मुगलकालीन स्मारक की सुंदरता को और बढ़ाने के लिए इसे वास्तुशिल्पीय प्रकाश व्यवस्था से प्रकाशित किया गया है जिसे “ऐलिमेंट ल्यूमिनेशन” के रूप में भी जाना जाता है।

माननीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. महेश शर्मा, ऐतिहासिक लालकिला में विशेष अग्रभाग प्रकाश का अनावरण करने हेतु आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि थे।

इस अवसर पर मौजूद प्रमुख नागरिकों के अतिरिक्त श्री अरूण गोयल, सचिव, संस्कृति मंत्रालय, श्रीमती उषा शर्मा, महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), श्री रमन अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी; तथा संस्कृति मंत्रालय, एनबीसीसी तथा एएसआई के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

एनबीसीसी, जिसने 1.3 किमी लंबाई पैरापेट पर मौजूदा रोशनी को बदलने का कार्य किया, ऐतिहासिक स्मारक को प्रकाशित करने के लिए करीब 2,600 लैंपों का उपयोग कर रहा है। नई वास्तुशिल्पीय प्रकाश व्यवस्था विभिन्न दिशाओं से गुंबदों, प्राचीरों, मीनार, मेहराब और बालकनी जैसे भागों पर उनके वास्तुशिल्प विवरणों को हाइलाइट करने के लिए प्रोग्राम किए गए प्रकाश को डालेगी।

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने कहा "लाल किला उन ऐतिहासिक स्मारकों में से एक है जो प्रतिवर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है और दिल्ली के इतिहास का महत्वपूर्ण रत्न है। एनबीसीसी को दिल्ली में स्थित होने पर गर्व है और हमें इस भावना को नई रोशनी में वास्तविक रूप से साकार करने पर हर्ष हैं।”

एनबीसीसी दिल्ली में स्मारकों पर एएसआई के लिए सभी विकासात्मक निर्माण हेतु पीएमसी एजेंसी के रूप में कार्य कर रही है।

कार्यक्षेत्र में स्मारकों, रास्तों को प्रकाशित करना, सीसीटीवी निगरानी तथा ब्रिटिश काल की आठ बैरकों में प्रस्तावित संग्रहालयों के लिए एचवीएसी, विद्युतीकरण और प्रकाशन शामिल है।

सूर्यास्त के बाद लाल किला की वास्तुशिल्पीय वैभव को बढ़ाने के लिए एनबीसीसी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ साझेदारी की है।

एनबीसीसी ने सीबीएसई से 150 करोड़ रुपये का आदेश प्राप्त किया

सार्वजनिक क्षेत्र के नवरत्न उद्‌यम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड को द्वारका में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा मंडल (सीबीएसई) के एकीकृत कार्यालय भवन के निर्माण का 150 करोड़ रुपये का आदेश मिला है।

सेक्टर 23 में प्रस्तावित भवन ग्रिहा मानकों के अनुसार ऊर्जा कुशल हरित सुविधाओं के साथ एक अत्याधुनिक संरचना होगी। तीन एकड़ जमीन पर बनाया जाने वाला यह भवन एक बहु मंजिला इमारत होगी जिसमें बेसमेंट पार्किंग और एक सभागार होगा।

विकास के विषय पर बोलते हुए, एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ.अनूप अनुप कुमार मित्तल ने कहा, "देश भर में विश्व स्तरीय शैक्षिक और स्वास्थ्य सेवा संस्थानों के निर्माण में कंपनी का व्यापक अनुभव है। संधारणीय विकास हमारा सतत प्रयास है, जिसे हम संकल्पना से अपनाते हैं ताकि गुणवत्ता और समय पर सुपुर्दगी सुनिश्चित की जा सके। "

यह उल्लेखनीय है कि 1990 में एनबीसीसी ने प्रीत विहार में सीबीएसई मुख्यालय के भवन का निर्माण किया था। कंपनी ने राय बरेली और भुवनेश्वर में सीबीएसई के क्षेत्रीय कार्यालय का भी निर्माण किया है।

एनबीसीसी ने दुबई में 400 करोड़ रुपये का अनुबंध प्राप्त किया

नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने 400 करोड़ रुपये की परियोजना प्राप्त की। एनबीसीसी को यह परियोजना वाणिज्य विभाग, वाणिज्य तथा उद्योग मंत्रालय द्वारा दुबई वर्ल्ड एक्स्पो 2020 में इंडिया पवेलियन का निर्माण करने के लिए प्रदान की गई।

यह समझौता ज्ञापन, डॉ. अनूप वाधवान, वाणिज्य सचिव की उपस्थिति में श्री योगेश शर्मा, कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी तथा श्री मनोज द्विवेदी, संयुक्त सचिव, वाणिज्य विभाग के मध्य हस्ताक्षरित किया गया।

इस परियोजना के कार्यक्षेत्र में 4,614 वर्ग मीटर के इंडिया पवेलियन तथा अन्य सुविधाओं की संकल्पना, डिजाइन तथा निर्माण शामिल हैं।

'मेक इन इंडिया', स्मार्ट सिटीज, 'डिजिटल इंडिया' जैसे भारत के अग्रणी कार्यक्रमों को प्रदर्शित करने के अतिरिक्त, इंडिया पवेलियन का उद्देश्य नवाचार और स्टार्ट-अप में भारत की शक्ति का प्रदर्शन करना भी होगा जो आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, फिन-टेक, अंतरिक्ष और हरित ऊर्जा जैसे उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में संभावनाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।

इंडिया पवेलियन, जिसका उप-विषय 'अवसर’ रखा गया है, खुशहाल विश्व के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने के साथ आधुनिक दृष्टिकोण और असंख्य सपनों तथा लाखों अवसरों का एक उत्कृष्ट मिश्रण होगा। पवेलियन में भारत की विशाल सांस्कृतिक विविधता भी प्रदर्शित होगी।

दुबई वर्ल्ड एक्स्पो 2020, जोकि छह महीनों तक चलेगा, में 200 देशों के 10 लाख से अधिक दर्शकों के आने की उम्मीद है।

वैश्विक समस्याओं, मांगों के लिए संधारणीय समाधान उत्पन्न करने, संस्कृतियों, देशों और भूभागों में सर्वत्र सहयोग क्षेत्रों के लिए तीन उप-विषयों –अवसर, गतिशीलता और संधारणीयता- सहित दुबई वर्ल्ड एक्स्पो 2020 का मुख्य विषय “भविष्य निर्माण हेतु विचारों का समागम” है।

एनबीसीसी की मालदीव, तुर्की, ओमान और मॉरीशस में चल रही और पूर्ण कई परियोजनाओं के साथ मजबूत वैश्विक उपस्थिति है। हाल ही में, कंपनी ने नौ विभिन्न अफ्रीकी देशों, नाइजर, युगांडा, मलावी, जाम्बिया, लाइबेरिया, गैंबिया, बुर्किना फासो, टोगो, गैबॉन में उच्च क्षमता वाले सम्मेलन केंद्र बनाने के लिए 20 अरब रुपये का ऑर्डर प्राप्त किया है। इस विश्व एक्सपो 2020 कार्य के साथ, कंपनी ने अपने वैश्विक पोर्टफोलियो में एक और उपलब्धि जोड़ ली है।

एनबीसीसी द्वारा संवाद के 12वें संस्करण का आयोजन

एनबीसीसी ने 14 जुलाई, 2018 को नई दिल्ली में संवाद के 12वें संस्करण का आयोजन किया, जो कि कंपनी का आंतरिक त्रैमासिक विचार-मंथन सत्र है। समारोह की अध्यक्षता डॉ. अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द्वारा की गई तथा इस अवसर पर श्री राजेंद्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य), श्री एन. के. शाह, निदेशक (परियोजनाएँ) तथा श्री संजीव स्वरूप, मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित थे। आयोजन के इस पूर्णदिवसीय कार्यक्रम में कंपनी के दृष्टिकोण सहित कार्यनीतिक वृद्धि, व्यवसाय विकास, संधारणीय निर्माण पर पहलें जैसे विभिन्न विषय शामिल थे। कंपनी के वरिष्ठ कार्यकारी, निगम तथा आरबीजी/एसबीजी प्रमुख ने इस विचार-विमर्श में सहभागिता की।

केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्‌वारा आबंटियों को 210 टाइप ॥ पुनर्विकसित जीपीआरए आवास सौंपे गए।।

माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आवासन और शहरी कार्य (एमओएचयूए), श्री हरदीप सिंह पुरी द्‌वारा सचिव, एमओएचयूए, श्री दुर्गा शंकर मिश्रा; और सीएमडी, एनबीसीसी, डॉ ए के मित्तल की उपस्थिति में आज पूर्व किदवई नगर, नई दिल्ली में सरकारी पूल रिहायशी आवास (जीपीआरए) पुनर्विकास योजना के तहत कब्जे हेतु आवंटियों को टाइप II के 210 फ्लैट सौंप दिए।

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड इस पुनर्विकास परियोजना के लिए कार्यान्वयन एजेंसी है जिसे जून 2012 में केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी दे दी गई थी। यह परियोजना सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कार्यालय रिक्त स्थान पट्टे के माध्यम से स्व-राजस्व जनरेशन मॉडल पर शुरू की गई है।

श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "हरी और टिकाऊ प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके बनाई गई ऐसी इमारतों से जीवन की बेहतर गुणवत्ता और पर्यावरणीय कायाकल्प होगा। मैं इस परियोजना को शीघ्रता से निष्पादित करने के लिए एनबीसीसी को बधाई देता हूं। "

पूर्व किदवई नगर परिसर का अनुरक्षण अगले 30 वर्षों तक एनबीसीसी द्वारा किया जाएगा।

पुरानी कॉलोनी में 2,444 आवास थे जिनमें कुल निर्मित क्षेत्रफल 88,476 वर्ग मीटर था। पुनर्विकास परियोजना में, इकाई का आकार बहुत बड़ा है और नए फ्लैट आधुनिक सुविधाओं जैसे आधुनिक मॉड्यूलर रसोई, अलमारी और प्रत्येक कमरे के साथ बालकनी युक्त हैं। 5.31 लाख वर्ग मीटर कुल निर्मित क्षेत्रफल में साथ कुल 4,608 आवास बनाए जा रहे हैं।

78 आवासीय टावरों में से 58 को पूरा कर लिया गया है। शेष टावर दिसंबर 2018 तक पूर्ण हो जाएंगे। यह एक 3-सितारा ग्रिहा - रेटेड परियोजना है जिसमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी हरित विशेषताएं हैं। उपचारित पानी को बागवानी और फ्लशिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र कैंपस के भीतर बागवानी के लिए खाद तैयार करेगा । परियोजना के भाग के रूप में एक 2.5 मेगावॉट सौर ऊर्जा इकाई भी स्थापित की जा रही है जो एनडीएमसी ग्रिड से जुड़ी होगी।

उप-स्मार्ट सिटी परियोजना में बिल्डिंग मैनेजमेंट सिस्टम, एंटी-फायर उपकरण, पानी और सीवेज सुविधाएं, पार्किंग, स्ट्रीट लाइट, एंट्री और एक्जिट गेट्स और लिफ्ट्स को कमांड और कंट्रोल सेंटर के माध्यम से डिजिटल रूप से एकीकृत करने जैसी सेवाएं भी होंगी।

इस परियोजना में 0.60 लाख वर्ग मीटर के एक निर्मित क्षेत्र के साथ सामाजिक आधारभूत सुविधाएं भी हैं और दिल्ली सरकार और एनडीएमसी के एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, 230 दुकानों के साथ एक स्थानीय शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बैंक्वेट हॉल है जिसका उद्घाटन 5 अक्टूबर, 2016 को हुआ था। ।

माननीय प्रधान मंत्री ने वाणिज्य भवन की आधारशिला रखी

एनबीसीसी द्वारा 226.83 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को निष्पादित किया जाएगा

माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज नई दिल्ली के बीचों-बीच वाणिज्य भवन की आधारशिला रखी। वाणिज्य भवन लुटियन की दिल्ली में अकबर रोड पर निर्मित किया जाएगा जिसमे देश का वाणिज्य मंत्रालय कार्य करेगा। एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत एक नवरत्न सीपीएसई, को इस भवन के निर्माण के लिए कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। परियोजना की कुल लागत 226.83 करोड़ रुपये है।

समारोह में भाग लेने वाले गणमान्य व्यक्तियों में वाणिज्य और उद्योग मंत्री तथा नागरिक उड़्डयन मंत्री श्री सुरेश प्रभु ; श्री हरदीप सिंह पुरी, आवासन और शहरी कार्य मंत्री ; श्री सीआर चौधरी, वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण; सुश्री रीता तेवतिया , वाणिज्य सचिव; और दोनों मंत्रालयों और एनबीसीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

यह परियोजना 4.3 एकड़ के क्षेत्र में फैली होगी जिसमें 39,500 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्रफल होगा है, जिसमें जमीन कवरेज केवल 22% होगा । वाणिज्य भवन में दो बेसमेंट के साथ जी +5 तल होंगे और इसकी पार्किंग क्षमता 444 कारों की होगी।

इस अवसर पर बोलते हुए माननीय प्रधान मंत्री ने कहा, "हमारी सरकार ने परियोजनाओं को तीव्रता से पूर्ण किया है और हरित एवं पर्यावरण अनुकूल इमारतों के निर्माण के लिए उन्नत प्रौद्‌योगिकी को बढ़ावा दिया है। मुझे विश्वास है कि वाणिज्य भवन का निर्माण तय समय सीमा के भीतर पूरा हो जाएगा। वाणिज्य मंत्रालय के तहत सभी विभाग नई इमारत में सद्भाव के साथ काम करने में सक्षम होंगे। "

इस संदर्भ में, उन्होंने डॉ अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, प्रवासी भारतीय केंद्र और केंद्रीय सूचना आयोग के नए कार्यालय भवन के बारे में उल्लेख किया; इन सभी भवनों को एनबीसीसी द्वारा अनुसूचित समय सीमा से पहले पूर्ण किया गया है।

श्री मोदी ने कहा कि " भारत डिजिटल प्रौद्योगिकियों का लाभ उठा रहा है क्योंकि चौथी औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हो गई है। आयात पर निर्भरता को कम करने और जीडीपी वृद्धि के दो अंकों को हासिल करने के लिए यह आवश्यक है। "

श्री सुरेश प्रभु ने कहा , "मुझे आशा है कि वाणिज्य भवन एक आधुनिक, पर्यावरणीय संरचना होगी , जिसमें सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए समर्पित पूरी छत है , शून्य अपशिष्ट निर्वहन के साथ यह भवन सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करेगा । "

श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा , "वाणिज्य भवन एक हरित और स्मार्ट भवन होगा और अंततः व्यापार संवर्धन और नीति के लिए वैश्विक केंद्र बनेगा। मुझे विश्वास है कि एनबीसीसी 2019 की तीसरी तिमाही तक परियोजना को पूरा करने में सक्षम होगा। "

डॉ. अनूप कुमार कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी ने माननीय प्रधान मंत्री को नए वाणिज्य भवन परिसर की विशेषताओं को 3 डी मॉडल के माध्यम से समझाया ।

इस हरित स्मार्ट भवन के निर्माण की अवधारणाओं में गति सेंसर के उपयोग द्‌वारा स्मार्ट लाइटिंग, ऑक्यूपेंसी सेंसर और डे-लाइट संवेदनशील प्रकाश नियंत्रण प्रणाली का उपयोग करके 20% ऊर्जा लागत की बचत की जाएगी। परिसर में बायो-मीट्रिक प्रौद्योगिकी का उपयोग कर स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम का इस्तेमाल भी किया जाएगा । सम्पूर्ण भवन की छत पर 45 किलोवाट बिजली उत्पन्न करने वाले पैनलों के साथ नवीकरणीय सौर ऊर्जा जनित करके भवन की ऊर्जा आवश्यकताएँ पूर्ण की जाएंगीं।

यह भवन शानदार रात की रोशनी और परिसर के चारों ओर संरक्षा, सुरक्षा, सुविधा, दक्षता और संरक्षण के उन्नत स्तर के साथ हरित वास्तुकला के सिद्धांतों पर डिजाइन किया जाएगा, साथ ही लुटियंस वास्तुशिल्प को बनाए रखा जाएगा।

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक , एनबीसीसी ने विद्युत वाहनों के महत्व पर वक्तव्य दिया।

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक और ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने 25 मई को भारत इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में 'इलेक्ट्रिक वाहन बाजार, 2018' पर अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस का स्वागत भाषण दिया। समारोह में उपस्थित लोगों में से श्रीमती मीनाक्षी लेखी, माननीय सदस्य संसद (लोक सभा) और ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। मीडिया पोस्ट के साथ डॉ मित्तल ने संवाद के दौरान बिजली के वाहनों के महत्व पर विस्तार से बात की। इस कार्यक्रम का आयोजन ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री द्वारा किया गया था। हाल ही में, एक 22 किलोवाट एसी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन न्यू मोती बाग जीपीआरए कॉलोनी में स्थापित किया गया है जिसे एनबीसीसी द्वारा विकसित किया गया है।

भारत और बंग्लादेश के माननीय प्रधानमंत्रियों ने विश्व भारती परिसर में एनबीसीसी द्वारा निर्मित ‘बंग्लादेश भवन’ का संयुक्त रूप से उद्‌घाटन किया

  • 24.22 करोड़ रुपये की बंग्लादेश भवन की परियोजना का निर्माण एनबीसीसी,जो आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अंतर्गत नवरत्न सीपीएसई है, द्वारा किया गया है।
  • बंग्लादेश भवन बाधा-रहित भवन है जिसमें 453 सीट की क्षमता वाला अत्याधुनिक तकनीक से युक्त प्रेक्षागृह है।
  • एनबीसीसी सार्वजनिक क्षेत्र का एकमात्र ऐसा उद्यम है जो सरकार के लिए संपत्तियों का विकास और पुनर्विकास करता है।
  • हाल ही में कंपनी ने नौ अफ्रिकी देशों में उच्च क्षमता वाले सम्मेलन केंद्र निर्मित करने हेतु 2000 करोड़ रुपये का आदेश प्राप्त किया है।

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री एच. ई. सुश्री शेख हसीना ने 25 मई, 2018 को सुश्री ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में बोलपुर, शांतिनिकेतन में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा सन्‌ 1921 में स्थापित विश्व भारती विश्वविद्यालय के परिसर में 'बांग्लादेश भवन' का उद्‌घाटन किया। श्री मोदी विश्व भारती विश्वविद्यालय के कुलपति हैं, जो भारत के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक हैं। इस 24.22 करोड़ रुपये की परियोजना के लिए आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड कार्यान्वयन एजेंसी थी।

बांग्लादेश भवन को भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक संबंधों के प्रतीक के रूप में वर्णित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "मैं बांग्लादेश भवन का उद्‌घाटन करते हुए काफी प्रसन्न हूँ जो शिल्प कौशल, संबंध, प्रशिक्षण और भाषा की एक छवि है। गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर का सार्वभौमिक मानवता का मूलमंत्र, केंद्र सरकार के "सबका साथ, सबका विकास" के मार्गदर्शक सिद्धांत में परिलक्षित होता है।”

उन्होंने कहा कि क्रूरता और आतंकवाद के विरूद्ध भारत और बांग्लादेश का साझा संकल्प, बांग्लादेश भवन के माध्यम से भावी पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा ।

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने बांग्लादेश भवन की निर्माण की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कहा, "बांग्लादेश भवन भारत और बांग्लादेश के बीच सांस्कृतिक संबंध को दृढ़ करने का प्रतीक है और हमें इसका निष्पादन करने और इतिहास का हिस्सा बनने पर हमें गर्व है।”

भवन में एक पुस्तकालय और एक संग्रहालय सहित एक सांस्कृतिक परिसर होगा ।

बांग्लादेश भवन एक बाधा-रहित भवन है जिसमें अंतर्राष्ट्रीय मानक ऑडियो सिस्टम से सुसज्जित 453 क्षमता वाले अत्याधुनिक तकनीक से युक्त आडिटोरियम और वीडियो सम्मेलन और वीडियो स्ट्रीमिंग सुविधाओं के साथ फोल्डिंग ध्वनिक विभाजन द्वारा पृथक, 175 व्यक्तियों की क्षमता वाले दो सेमिनार हॉल हैं। इसके अतिरिक्त, यहाँ 108 व्यक्तियों के बैठने के लिए एक कैफेटेरिया, राष्ट्रीय भवन कोड के अनुसार अग्नि प्रबंधन प्रणाली, महत्वपूर्ण स्थानों पर सीसीटीवी निगरानी और वाई-फाई के लिए सुगम अवसंरचना है। एक संग्रहालय, एक पुस्तकालय और एक प्रेक्षागृह वाला यह भवन, बांग्लादेश के साथ पश्चिम बंगाल के गहरे संबंधों को प्रतिध्वनित करता है और परंपरा को आधुनिकता के साथ जोड़ता है। इसे हरित ग्रीन भवन अनुपालन और पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों जैसे फ्लाई ऐश ईंटों, न्यून वीओसी (अस्थिर कार्बनिक यौगिक) पेंट्स, एलईडी (प्रकाश उत्सर्जक डायोड) लूमनेरी, ऊर्जा कुशल वीआरएफ (परिवर्तनीय शीतलक प्रवाह) एयर कंडीशनिंग, रूफटॉप सौर स्थापना और भूजल पुनर्भरण के लिए वर्षा जल पुनर्भरण गड्ढे का प्रयोग करके निर्मित किया गया है।

अपनी बात आगे बढ़ाते हुए डॉ. मित्तल ने कहा कि "एनबीसीसी का लक्ष्य उच्च गुणवत्ता और संधारणीय अवसंरचना विकसित करके क्रमश:राष्ट्र का पुनर्निर्माण करने में सरकार का एक सक्षम भागीदार बनना है। हमें इस कार्य में सरकार का सबसे भरोसेमंद भागीदार होने पर स्वयं पर गर्व है। हमें हाल ही में विदेश मंत्रालय की एक पहल के रूप में नौ अफ्रीकी देशों में उच्च क्षमता वाले सम्मेलन केंद्र बनाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये के आदेश के लिए आमंत्रित किया गया था।”

एनबीसीसी ने न केवल भारत बल्कि विदेशी बाजारों में भी अपना एक महत्वपूर्ण नाम बना लिया है। सरकार द्वारा संचालित संगठन ने लीबिया, इराक, यमन, नेपाल, मालदीव, मॉरीशस, तुर्की और बोत्सवाना में विभिन्न प्रकारों की परियोजनाओं को निष्पादित किया है।

हाल ही में, मॉरीशस में एनबीसीसी को प्राप्त परियोजनाएं जिसमें 250 करोड़ रुपये लागत की नई सुप्रीम कोर्ट भवन और 300 करोड़ रुपये लागत की 956 यूनिट आवास इकाईयों का निर्माण शामिल है। सफलतापूर्वक पूर्ण होने वाली कुछ अन्य उल्लेखनीय परियोजनाओं में 200 बिस्तर वाले इंदिरा गांधी मेमोरियल अस्पताल और मालदीव में राष्ट्रीय जेल अकादमी, तुर्की में 3,600 यूनिट मीर हाउसिंग प्रोजेक्ट और मॉरीशस में इंदिरा गांधी सेंटर फॉर इंडियन कल्चर शामिल हैं।

एनबीसीसी द्वारा निर्मित आईआईटी टेक्नोपार्क का कुंडली में उद्‌घाटन किया गया

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर तथा मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री डॉ. सत्य पाल सिंह ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री राम बिलास शर्मा की उपस्थिति में सोनीपत स्थित कुंडली में नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा निर्मित आईआईटी दिल्ली टेक्नोपार्क का उद्‌घाटन किया।

आईआईटी दिल्ली के इस विस्तारित कैंपस के निर्माण में 177 करोड़ की लागत आई तथा यह 10 एकड़ भूमि में फैला हुआ 33,200 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल है। यह कैंपस आई टी समर्थित सेवाओं, 466-सीटर प्रेक्षागृह, पाँच मंजिला आवासीय ब्लॉक, चार मंजिला शैक्षिक ब्लॉक तथा 365 कारों की क्षमता वाली बेसमेंट पार्किंग से लैस है। एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने कहा कि “यह संस्थान विज्ञान और प्रौद्योगिकी में महान उपलब्धियों को प्राप्त करने की दिशा में देश के अभियान में एक अन्य अध्याय का उद्‌घोषक है।” उन्होंने आगे कहा कि “विस्तारित परिसर को आधुनिक गुरुकुल के रूप में निर्मित किया गया है जो कि आईआईटी दिल्ली को अध्यापन-अधिगम और शैक्षिक अनुसंधान गतिविधियों को बढ़ावा देने हेतु सक्षम बनाएगा।

एनबीसीसी द्वारा संवाद XI का आयोजन

एनबीसीसी में 01 अप्रैल, 2018 को संवाद के XI वें संस्करण का आयोजन किया गया, जो कि कार्यनीतिक वृद्धि, व्यवसायिक विकास, व्यवस्थित समुन्नति आदि पर विचार-विमर्श करने हेतु कंपनी का आंतरिक त्रैमासिक विचार-मंथन सत्र है। समारोह की अध्यक्षता डॉ. अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द्वारा की गई तथा इस अवसर पर श्री राजेंद्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य), श्री एन. के. शाह, निदेशक (परियोजनाएँ) तथा श्री संजीव स्वरूप, मुख्य सतर्कता अधिकारी उपस्थित थे। सहभागियों जिनमें कंपनी के वरिष्ठ कार्यपालक शामिल थे, जिन्होंने सभी के सामने अगले पाँच वर्षों के लिए कॉरपोरेट दृष्टिकोण के मामलों, नए वित्तीय वर्ष 2018-19 की टर्नओवर योजना, मानव संसाधन व कार्य संस्कृति पर अपने विचार और सुझाव रखे।

एनबीसीसी में योग और ध्यान सत्र का आयोजन

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के निगमित मानव संसाधन प्रबंधन प्रभाग ने 16 मार्च, 2018 को निगमित कार्यालय, नई दिल्ली में कर्मचारियों के लिए पंचवटी योगाश्रम एंड नेचर क्योर सेंटर (पीवाईएनसीसी) के माध्यम से “कॉरपोरेट योग और ध्यान” सत्र का आयोजन किया। योग प्रशिक्षक श्री योगाचार्य प्रियतोष ठाकुर ने सत्र के दौरान दैनिक जीवन में योग और ध्यान के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने सहभागियों से अर्द्ध चंद्रासन, उत्कटासन, अनुलोम-विलोम, पर्वतासन, ताड़ासन, तिर्यक ताड़ासन, उत्कट कोणासन, योग निद्रा/ध्यान आदि का अभ्यास कराया। इस अवसर पर श्री आलोक रस्तोगी, कार्यपालक निदेशक; श्री एम. सी. शर्मा, कार्यपालक निदेशक; श्री मानस कविराज, मुख्य महाप्रबंधक (मा.संसा.प्रबं.); श्री एस. सी. जैन, मुख्य महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग); श्री राकेश गर्ग, मुख्य महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग); तथा एनबीसीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को एपीईए 2017 पुरस्कार प्रदत्त

वर्तमान प्रगति मैदान कॉम्प्लेक्स, जो कि अब तक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनियों को आयोजित करने और विभिन्न अन्य आयोजनों को आयोजित करने के लिए उपयोग किया जाता है, अपने नए पुनर्विकास के साथ एक विश्व स्तर के अत्याधुनिक एकीकृत प्रदर्शनी-सह- कन्वेंशन सेंटर (आईईसीसी) भारत व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री एल सी गोयल और एनबीसीसी(इंडिया) के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल ने आज नई दिल्ली में आयोजित एक संयुक्त प्रेस सम्मेलन में लगभग 2,500 करोड़ रुपये की लागत की इस अत्याधुनिक परियोजना को लागू करने की घोषणा की । इस अवसर पर श्री गोयल और डॉ. मित्तल ने आईईसीसी के डिजाइन और प्रगति मैदान के आस-पास के ट्रैफिक को दूर करने के लिए व्यापक समाधान की रूपरेखा दी । उन्‍होंने बताया कि पुनर्विकास के बाद आईईसीसी दिल्ली में एक ऐतिहासिक स्थान होगा और माननीय प्रधान मंत्री के 'नए भारत' के विचारों का प्रतीक होगा ।

एनबीसीसी द्वारा मेसर्स एआरसीओपी एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड और एईडीएएस पीटीई लि. आफ सिंगापुर के साथ मिलकर आईईसीसी को नवीनतम वास्तुशिल्प डिजाइन के साथ विकसित किया जाएगा जिसमें 4800 वाहनों की बेसमेंट पार्किंग की सुविधा सहित बिना व्‍यवधान के व्यापक यातायात की सुविधा होगी । 32.4 मीटर ऊंचा कन्वेंशन सेंटर दुनिया की सर्वश्रेष्ठ ऊंची इमारत होगी । केंद्र के बाह्यरूप में 7000 पैक्स की क्षमता होगी (बैठने के लिए 3000 पैक्स की निश्चित सीटों और 4000 पैक्स के मल्टी फंक्शन पूर्ण हॉल सहित) और 3000 पैक्स के साथ एम्‍फीथिऐटर। यह संरचना अनूठे स्लोपिंग फेसड के साथ एक ऊंचे मंच पर दिल्ली के समृद्ध वास्तुशिल्प विरासत में शामिल होगी ।इसमें विभिन्न आकार और क्षमता के 30 बैठक कक्ष होंगे और केंद्र की पूरी संरचना लाल पत्थर और ढोलपुर सफेद पत्थर और जीएफआरसी के मिश्रण के साथ बनाई जाएगी । पूरी परियोजना के कार्यान्वयन में 500 आधारभूत होटल के लिए भूमि के मुद्रीकरण का प्रावधान भी होगा ।

एकीकृत केंद्र के प्रदर्शनी सेगमेंट में 7 नए आधुनिक प्रदर्शनी हॉल शामिल होंगे जिनमें पूर्व समारोह क्षेत्र के साथ एक लाख वर्ग मीटर का प्रदर्शनी स्थान होगा। प्रत्येक प्रदर्शनी हॉल में एफ एंड बी सुविधा शामिल होगी। दो रंगीन फव्वारा क्षेत्रों के साथ प्रदर्शनी खुले क्षेत्र (15 एकड़) भी 4 खुले एम्फीथेटर, (प्रत्येक 900 में से दो और 600 पैक्‍स में से दो) होगा। परिसर में प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन के साथ भी पैदल मार्ग / छत और स्काईवॉक कनेक्टिविटी शामिल होगी ।

4800 वाहनों के लिए बेसमेंट पार्किंग के सहज यातायात प्रवाह के लिए प्रवेश और निकासी होगी। आईईसीसी तक बेहतर पहुंच और सामान्य जनता के लाभ के लिए ट्रैफिक दिशानिर्देशों के महत्वपूर्ण प्रावधानों और यातायात के दौरान आने वाले व्‍यवधानों का ख्याल रखेगा । यह सुविधा प्रगति मैदान में 6 लेन से विभाजित सुरंग काटने के माध्यम से रिंग रोड के मथुरा रोड / पुराना किला रोड से भी कनेक्ट हो जाएगी जिससे मथुरा रोड सिग्नल फ्री बन सकती है।

श्री गोयल और डॉ मित्तल ने यह भी सूचित किया कि सीसीईए ने 24 जनवरी 2017 को आईईसीसी को 2254 करोड़ के अनुमानित लागत के साथ मंजूरी दी थी। उन्‍होंने यह भी बताया कि(यातायात उपायों के कारण लागत को छोड़कर) दिल्ली शहरी आर्ट कमीशन (डीयूएसी), राष्ट्रीय स्मारक प्राधिकरण (एनएमए), दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) द्वारा रूपरेखा योजना और अवधारणा डिजाइन जैसी सभी वैधानिक अनुमोदन; रूपरेखा और सरकार के फायर सर्विसेज डिपार्टमेंट द्वारा बिल्डिंग प्लान दिल्ली का डीडीए में यूनिफाइड ट्रैफिक एंड ट्रांसपोर्टेशन इन्फ्रास्ट्रक्चर (प्लानिंग एंड इंजीनियरिंग) सेंटर (यूटीटीपीईसी) द्वारा यातायात के व्‍यवधान इत्‍यादि की मंजूरी प्राप्त की हैं ।उन्होंने बताया कि पर्यावरण और वन मंत्रालय (एनओईएफ) से पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया में है और जल्द ही उन्हें उम्मीद है कि कार्यवाही के दौरान, दोनों हितधारकों ने प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट की विस्तृत समय-अवधि का खुलासा किया जिसमें कहा गया कि आईईसीसी परियोजना और ट्रैफिक इंटरवेंशन दोनों के लिए वेंडर जून, 2017 के अंत तक होगा और निर्माण कार्य जुलाई, 2017 तक शुरू होगा। उन्‍होंने बताया कि कन्वेंशन सेंटर, नवंबर-दिसंबर, 2018 तक पूरा हो जाएगा और जुलाई-अगस्त 201 9 तक परियोजना पूरी हो जाएगी ।

अंत में श्री गोयल और डॉ. मित्तल ने दोहराया कि हमारा अपनी तरह का यह पहला प्रयास होगा कि प्रगति मैदान में आम लोगों के लिए भारी राहत उपलब्ध कराने के साथ-साथ आस-पास की यातायात की समस्‍या को दूर करने के लिए व्यापक यातायात समाधान सुनिश्चित किए जाए । उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि देश में बड़े पैमाने पर राजधानी में एक नए युग की शुरूआत होगी लोग इस ऐतिहासिक सत्‍यता की सराहना और स्‍वागत करेंगे ।

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को एपीईए 2017 पुरस्कार प्रदत्त

27 अप्रैल, 2017 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य समारोह में, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ.अनूप कुमार मित्तल को निर्माण उद्योग खंड (व्यक्तिगत श्रेणी) के तहत एशिया पेसिफिक उद्यमिता पुरस्कार 2017 प्रदान किया गया। यह पुरस्कार उन्हें कंपनी की प्रगति तथा निर्माण उद्योग के समग्र विकास के लिए दिया गया । यह प्रतिष्ठित पुरस्कार एनबीसीसी को विश्व स्तर का निर्माण संगठन बनाने के लिए उनके नेतृत्व, समर्पण, और प्रतिबद्धता को दर्शाता हैं ।

एनबीसीसी सर्विसेज लिमिटेड द्‌वारा दिव्याँगों को सहायक उपकरण वितरित किए गए

एनबीसीसी सर्विसेज लिमिटेड (एनएसएल) - एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी द्‌वारा अपनी सीएसआर पहल के तहत आर्टीफिशियल लिम्ब्स मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (एलिम्को) द्वारा चिह्‌नित किए गए 15 लाभार्थियों को सहायक सामग्री और सहायक उपकरण जैसे मोटोराइज्ड ट्राइसिकल, स्मार्ट केन, श्रवण सहायता उपकरण आदि का वितरण किया गया। हाल ही में दिल्ली में आयोजित उपकरण वितरण समारोह में एनएसएल के अध्यक्ष, श्री राजेंद्र चौधरी ; श्रीमती बी. के. सोखी, निदेशक, एनएसएल और श्रीमती ए. सबीना, सीईओ, एनएसएल और कंपनी के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे ।

डीपीई और एनबीसीसी द्‌वारा सीपीएसई के नव नियुक्त स्वतंत्र निदेशकों के लिए संयुक्त रूप से अभिविन्यास कार्यक्रम आयोजित

श्रीमती सीमा बहुगुणा, सचिव, डीपीई, डॉ. मधुकर गुप्ता, अपर सचिव, डीपीई व डॉ. अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड , 30-31 जनवरी, 2017 को नई दिल्ली में “सीपीएसई के स्वतंत्र निदेशकों (गैर सरकारी) के लिए क्षमता निर्माण” पर दो दिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का उद्घाटन करने के बाद मंच पर दिखाई दे रहे हैं । सीपीएसई के स्वतंत्र निदेशकों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों पर जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से लोक उद्‌यम विभाग (डीपीई) और एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें सीपीएसई के कई स्वतंत्र निदेशकों ने भाग लिया ।

इंजीनियरिंग कांग्रेस में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी द्‌वारा डॉ के.एल. राव स्मृति व्याख्यान दिया गया ।

इंजीनियर्स इंडिया संस्थान की ओर से हाल ही में कोलकाता में आयोजित 31 वें भारतीय इंजीनियरिंग कांग्रेस मे. डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी, डॉ के.एल. राव स्मृति व्याख्यान देते हुए। संस्थान द्वारा कांग्रेस में डॉ मित्तल को आमंत्रित किया गया था जहां उन्होंने तेजी से निर्माण तकनीक के साथ सतत विकास पर विस्तार से बात करते हुए स्मृति व्याख्यान दिया ।

माननीय प्रधानमंत्री ने वाराणसी में एनबीसीसी द्वारा निर्मित व्‍यापार सुविधा केन्‍द्र का उद्घाटन किया ।

भारत के माननीय प्रधानमंत्री, श्री नरेन्‍द्र मोदी ने दिनांक 22.12.2016 को वाराणसी, उत्‍तर प्रदेश में व्‍यापार सुविधा केन्‍द्र तथा क्राफ्ट संग्रहालय के प्रथम चरण का उद्घाटन किया। वाराणसी तथा आसपास के क्षेत्रों में हैण्‍डलूम, हस्‍तशिल्‍प तथा रेशम उत्‍पादों को प्रोत्‍साहित करने की भारत सरकार की यह विजन परियोजना है जिसे एनबीसीसी द्वारा कार्यान्वित किया गया है। डॉ. महेन्‍द्र नाथ पाण्‍डेय, राज्‍य मंत्री मानव संसाधन विकास मंत्रालय, श्री ब्रहम शंकर त्रिपाठी, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री, उत्‍तर प्रदेश सरकार, श्री राम चरित्र निषाद, माननीय संसद सदस्‍य, श्रीमती रश्मि वर्मा, सचिव, कपडा मंत्रालय, भारत सरकार तथा डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एनबीसीसी एवं अन्‍य गणमान्‍य अतिथि इस अवसर पर उपस्थित रहे।

एनबीसीसी ने अपना 56 वाँ स्थापना दिवस मनाया

एनबीसीसी का 56 वाँ स्थापना दिवस दिनाँक 16 नवंबर 2016 को नई दिल्ली में मनाया गया । इस शाम में डॉ. अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी; श्री डी.एस. मिश्रा,अपर सचिव, (यूडी); एनबीसीसी के निदेशक गण और अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे । इस अवसर पर अतिथियों और कंपनी के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डॉ. मित्तल ने हाल के वर्षों में कंपनी की विभिन्न उपलब्धियों और व्यापार प्रदर्शन के बारे में विस्तार से बताया । उन्होंने सरकार की पहल में कंपनी की भागीदारी की प्रतिबद्धता के साथ-साथ कंपनी के व्यावसायिक प्रयासों में सफलता का संक्षिप्त ब्यौरा दिया। डॉ. मित्तल, अपर सचिव, (यूडी) और एनबीसीसी के निदेशकों ने इस अवसर पर नए डिजाइन किए गए एनबीसीसी लेपेल का अनावरण किया। उन्होंने सभी कार्मिकों के लिए प्रति कर्मचारी 20.00 लाख की राशि की कार्मिक समूह दुर्घटना बीमा पॉलिसी की कल्याणकारी योजना की घोषणा की। पुरस्कार समारोह के पश्चात दो घंटे तक चले सांस्कृतिक कार्यक्रम में रियलिटी शो ,इंडिया गॉट टैलेंट सीजन -4 के विजेताओं छोटे बच्चे सोनाली और सुमंत द्‌वारा नृत्य प्रदर्शन, जादूगर द्वारा प्रदर्शन; कॉमेडी प्रदर्शन और प्रसिद्ध बॉलीवुड गायिका, सुश्री नेहा कक्कड़ और मंडली द्वारा संगीतमय कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।

एनबीसीसी,सीआईआई - आईजीबीसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर

डॉ. अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड और डॉ. प्रेम सी. जैन, अध्यक्ष, सीआईआई- आईजीबीसी द्‌वारा हरित भवन , क्षमता निर्माण और हरित भवन संसाधनों के विकास को बढ़ावा देने के लिए हाल ही में एनबीसीसी निगमित कार्यालय, नई दिल्ली में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर एनबीसीसी और आईजीबीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

एनबीसीसी द्वारा सरकार को 108 करोड़ रुपए का लाभांश प्रदत्त

माननीय शहरी विकास मंत्री, भारत सरकार , श्री एम. वेंकैया नायडू, डॉ. अनूप कुमार मित्तल. अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी से वर्ष 2015- 16 के लिए 108 करोड़ रुपए का एनबीसीसी का लाभांश चेक प्राप्त करते हुए। माननीय मंत्री महोदय को लाभांश का चेक दिनांक 6 अक्टूबर, 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम में भेंट किया गया इस अवसर पर सचिव , शहरी विकास श्री राजीव गौबा, श्री डी. एस. मिश्रा, अपर सचिव, शहरी विकास एनबीसीसी के निदेशक गण तथा मंत्रालय एवं एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। वित्त वर्ष 2015- 16 के दौरान कंपनी के शानदार प्रदर्शन के मद्‌देनजर एनबीसीसी ने 1000% लाभांश का भुगतान किया है जोकि विगत वर्ष की तुलना में 45 % अधिक है। यह उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2015- 16 के दौरान एनबीसीसी ने 5759. 86 करोड़ रुपये का टर्नओवर ,441. 33 करोड़ रुपये कर पूर्व लाभ तथा 311.11 करोड़ रुपये कर के पश्चात लाभ प्राप्त किया है

नई प्रौद्योगिकी अपनाने पर केंद्रित ,एनबीसीसी का मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन 2016-17

शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी, ने आज अपने मंत्रालय के साथ वित्तीय वर्ष 2016-17 के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से श्री राजीव गाबा, आईएएस, सचिव (यूडी) तथा एनबीसीसी की ओर से डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, द्वारा इस पर हस्ताक्षर किए गए हैं। .
हस्ताक्षर किए गए समझौता ज्ञापन में विभिन्न वित्तीय मापदंडों,डायनेमिक मापदंडों, सेक्टर विशिष्ट और उद्यम विशिष्ट मानदंडों के आधार पर कंपनी के लिए निष्पादन लक्ष्य रखे गए हैं। बिक्री कारोबार 6500 करोड़ रुपये तथा लाभ का लक्ष्य 445 करोड़ रुपये रखा गया है। कंपनी ने वर्ष के दौरान, 7500 करोड़ रुपये के नए कार्यों को प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके अलावा इस वर्ष के समझौता ज्ञापन में कंपनी की आगामी परियोजनाओं में नई प्रौद्योगिकी अपनाने पर ध्यान केंद्रित दिया गया है। इन प्रौद्‌योगिकियों में एल्‍युमिनियम फार्म कार्य का उपयोग करके मोनोलिथिक कंक्रीट निर्माण प्रणाली,सेल्‍युलर कम वजनी कंक्रीट स्‍लैबों तथा पूर्व निर्मित कालमों (प्रीकॉस्‍ट/ प्रीफैब) का उपयोग करके इंडस्ट्रियलाइज्‍ड 3-एस प्रणाली, प्‍लास्टिक एल्‍युमिनियम फार्म कार्य का उपयोग करके मोनोलिथिक कंक्रीट निर्माण प्रणाली,कम्‍पोजिट स्‍टील संरचनाएं शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2015-16 के दौरान एनबीसीसी का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा तथा 4600 करोड़ के लक्षित कारोबार की तुलना में 5749 करोड़ रुपये के कारोबार को प्राप्त करके सीएजीआर में पर्याप्त 21% वृद्धि दर्ज की गई। सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए जाने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ ए.के. मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कंपनी के वित्त वर्ष 2016-17 के लिए कंपनी के उत्साहजनक दृष्टिकोण की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा हाल ही में एनबीसीसी को लगभग 25,000 करोड़ रुपये मूल्य की तीन विशाल पुनर्विकास परियोजनाओं का कार्य सौंपा गया है। इस कार्य तथा पहले से ही केंद्र सरकार से प्राप्त विभिन्न योजनाओं के तहत पुनर्विकास परियोजनाओं के कार्यों ने एनबीसीसी के लिए भविष्य में अपार अवसरों के द्वार खोल दिए हैं। डॉ मित्तल ने विश्वास जताया कि वित्त वर्ष 2016-17 से, एनबीसीसी सीएजीआर में लगातार 25% वृद्धि दर्ज करने में सफल होगी।

आगामी बड़े मूल्य की पुनर्विकास परियोजनाओं पर एनबीसीसी द्‌वारा नीतिगत सम्मेलन आयोजित

नवरत्न सीपीएसई, एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड द्‌वारा हाल ही में इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में आगामी बड़े मूल्य की पुनर्विकास परियोजनाओं पर नीतिगत सम्मेलन आयोजित किया गया। एनबीसीसी के नेतृत्व में, आगामी पुनर्विकास परियोजनाओं के कुशल, शीघ्रता से और परेशानी मुक्त कार्यान्वयन के संबंध आमंत्रित परामर्शदाताओं और वास्तुविदों के बीच सुझावों का आदान-प्रदान एवं चर्चा की गई । प्रतिभागियों द्‌वारा गुणवत्ता पर कोई भी समझौता किए बिना और सर्वोच्च प्राथमिकता के रूप में पर्यावरण स्थिरता बनाए रखते हुए परियोजनाओं को शीघ्रता से निपटाने के तरीकों पर चर्चा की गई। नीतिगत सम्मेलन निदेशकों और एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा संचालित किया गया जिसमें 100 से अधिक कंसल्टेंट्स और आर्किटेक्ट्स ने भाग लिया। भाग लेने वाले कंपनियों में लार्सन एंड टुब्रो, चैपमेन टेलर, शापूरजी पालोनजी कंपनी लिमिटेड और अन्य प्रसिद्‌ध हितधारक थे जिन्होंने शहरी योजना और वास्तुकला, सांविधिक मंजूरियां और अनुमोदन सहित संविदा मोडालिटीज डिजाइन एवं बिल्ड / टर्नकी आदि कई मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

एनबीसीसी, अन्‍य महानगरों में भारतीय पर्यावास केन्‍द्र (इंडिया हेबिटेट सेंटर) जैसे केन्‍द्र विकसित करेगी।

एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड तथा इंडिया हेबिटेट सेंटर (आईएचसी) ने देश के विभिन्‍न महानगरों में सामाजिक और सांस्‍कृतिक कार्यकलापों के लिए समेकित कार्यालय परिसर तथा केन्‍द्रों के विकास के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए हैं। इसके लिए इच्‍छुक राज्‍य सरकारों द्वारा रियायती दरों पर जमीन प्रदान की जाएगी। श्री अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एनबीसीसी तथा श्री राकेश कक्‍कड़, निदेशक, आईएचसी द्वारा दिनांक 22.06.2016 को हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन के अनुसार एनबीसीसी जोकि एक निर्माण क्षेत्र की अग्रणी पीएसयू है वह अत्‍याधुनिक केन्‍द्रों में सुविधाएं जैसे संस्‍थान, सम्‍मेलन कक्ष, कन्‍वेशन केन्‍द्र, प्रेक्षागृह, स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र, फूड कोर्ट, बैंक्‍वेट हॉल, दिल्‍ली आईएचसी की शैली में विकसित करेगी। इन केन्‍द्रों के विकास के लिए एनबीसीसी द्वारा स्‍वसंधारणीय मॉडल विकासित किया जाएगा। इस प्रयास में आईएचसी विकास के लिए अपने तकनीकी ज्ञान, निर्माण के पश्‍चात सम्‍पत्तियों के प्रबंधन एवं कार्यान्‍वयन ज्ञान में सहयोग देगा, जबकि एनबीसीसी इन केन्‍द्रों की डिजाइन, इंजीनियरी तथा विकास के कार्यों की जिम्‍मेदारी उठाएगी। आरंभिक रूप से इस प्रकार के आईएचसी कोलकाता, जयपुर, भुवनेश्‍वर, भोपाल तथा अमरावती में विकसित किए जाएंगे।

एनबीसीसी अब है - एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड

नवरत्न सीपीएसई, नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) अब एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के नाम से जाना जाएगा। बदला हुआ नाम 23 मई, 2016 से प्रभावशील होगा। कारपोरेट कार्य मंत्रालय , भारत सरकार द्‌वारा कंपनी (समावेशन) नियम 2014 के नियम 29 के तहत 23 मई, 2016 को नाम परिवर्तन का प्रमाणपत्र जारी किया गया।
एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक श्री अनूप कुमार मित्तल ने कहा कि , "नाम में परिवर्तन कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।" उन्होंने आगे कहा कि , कंपनी के व्यापार के विस्तार की भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए कंपनी के नाम के अनुरूप फिर से ब्रांडिंग की गई है । हम एक वैश्विक कंपनी के रूप में उभरे हैं और पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की पहल और गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कंपनी का सूचीबद्‌ध किया जाना ,नवरत्न का दर्जा प्राप्त करना ,पब्लिक वर्क्स आर्गेनाइजेशन का दर्जा प्राप्त करने से एनबीसीसी ने लाभांश अर्जित किया है और अब यह एक नई दिशा की ओर अग्रसर है। नाम में परिवर्तन तुरंत प्रभाव से लागू रहेगा तथा भविष्य की सभी व्यावसायिक गतिविधियां नए नाम से की जाएंगी।

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक दिल्ली मैनेजमेंट एसोसिएशन के नए अध्यक्ष के रूप में चयनित

श्री अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी को दिल्ली मैनेजमेंट एसोसिएशन (डीएमए) दिल्ली के नए अध्यक्ष के रूप में चयनित किया गया है। यह एक प्रमुख व्यावसायिक निकाय है जो व्यवसाय प्रबंधन में उत्कृष्टता के क्षेत्र में योगदान प्रदान कर रहा है। इस पद का प्रभार मई, 2016 से प्रभावी होगा । श्री मित्तल की व्यावसायिक विशेषज्ञता तथा निर्माण के क्षेत्र में अनुभव और उद्‌योग मामलों के प्रबंधन में उत्कृष्टता को देखते हुए चयन समिति द्‌वारा उन्हें चयनित किया गया है। श्री मित्तल ने रिलायंस समूह तेल एवं गैस के सी ई ओ और डीएमए के तत्कालीन पूर्व अध्यक्ष डॉ.ए.के.बाल्यन से कार्यभार ग्रहण किया। श्री मित्तल अध्यक्ष के रूप में एसोसिएशन के उद्देश्य को बढ़ावा देने के लिए काम करेंगे।

एनबीसीसी द्‌वारा संवाद के चतुर्थ संस्करण का आयोजन:

निगमित विकास की रणनीति और नीतिगत मुद्दों पर त्रैमासिक अवधि में विचार-विमर्श के लिए दिनाँक 5 मार्च,2016 को आयोजित कंपनी के आंतरिक मंच संवाद के चतुर्थ संस्करण में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी। एनबीसीसी द्वारा शुरू किए गए इस अभिनव मंच का उद्‌देश्य नए विचारों को विकसित करने और परिचालन में सुधार और तेजी से विकास के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने के लिए त्रैमासिक आधार पर वार्षिक बुद्धिशीलता और संरचित विचार विमर्श करना है। कार्यक्रम के दौरान, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने एनबीसीसी डिजिटल क्लाउड तथा तकनीकी सहायता पोर्टल का शुभारंभ किया।

एनबीसीसी की महिला कर्मचारियों ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

एनबीसीसी निगमित कार्यालय और उसके दिल्ली एनसीआर कार्यालयों की महिला कर्मचारियों ने 8 मार्च, 2016 को निगमित कार्यालय में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया श्री अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि थे और उन्होंने इस अवसर पर बात की तथा इस दिन के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने सभी महिला कर्मचारियों को यह भी आश्वासन दिया कि कंपनी हमेशा की तरह महिलाओं के कामकाजी जीवन को समृद्ध करने तथा उनकी बेहतरी के लिए काम करती रहेगी। सर्व श्री संजीव स्वरूप, मुख्य सतर्कता अधिकारी; एस के पाल, निदेशक (वित्त), एस के चौधरी, निदेशक (परियोजना), राजेंद्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य) और कंपनी के कार्यकारी निदेशक भी इस अवसर पर मौजूद थे और सभी ने महिलाओं के सशक्तीकरण पर अपने विचार साझा किए।
इस आयोजन में महिला सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की गईं। श्रीमती श्रुति शर्मा, ज़ी बिजनेस की प्रोग्रामिंग हेड, आमंत्रित अतिथि थीं और महिलाओं के सशक्तीकरण पर उनके विचारों की सभी कर्मचारियों द्वारा सराहना की गई। एक आंतरिक क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें कंपनी की महिला कर्मचारियों ने भाग लिया।

अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी और एयर चीफ मार्शल ने झंडी दिखाकर 50 वीं स्टेट्‌समेन विंटेज एवं क्लासिक कार रैली की शुरुआत की।

दिनाँक 28 फरवरी, 2016 को स्टेट्समैन हाउस , नई दिल्ली में,स्टेट्समैन विंटेज और क्लासिक कार रैली के 50 वें संस्करण में, डॉ. अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी तथा एयर चीफ मार्शल अरूप राहा ने चालकों को झंडी दिखाकर रवाना किया, इस विरासत रैली में 125 से अधिक कारों ने भाग लिया। विभिन्न श्रेणियों के तहत लगभग 43 विजेता ट्राफियां थी जिसमें 'सर्वोत्कृष्ट अमेरिकी कार " श्रेणी के लिए 'एनबीसीसी ट्रॉफी' भी शामिल थी। यह शानदार कार्यक्रम इंडिया गेट, नई दिल्ली के पास नेशनल स्टेडियम में संपन्न हुआ था। दोपहर में विजेताओं को नेशनल स्टेडियम में आयोजित एक समारोह में पुरस्कार प्रदान किए गए। ब्यूक 1938 के स्वामी श्री दिलजीत टाइटस ने रैली में 'एनबीसीसी ट्रॉफी' को जीता।

तिरुवनंतपुरम सीबीआई कार्यालय-सह-आवासीय परिसर की आधारशिला रखी गई

श्री अनिल सिन्हा, निदेशक, सीबीआई, ने दिनाँक 22.02.2016 को तिरूवनंतपुरम केरल में सीबीआई कार्यालय-सह-आवासीय परिसर की आधारशिला रखी। श्री राजेन्द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य), एनबीसीसी, श्री एस.डी. शर्मा, कार्यकारी निदेशक और राज्य के अन्य शीर्ष पुलिस अधिकारी आधारशिला रखने के बाद श्री सिन्हा के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। संधारणीय हरित विशेषताओं से युक्त इस अत्याधुनिक परिसर के निष्पादन का कार्य एनबीसीसी द्वारा नवंबर 2017 तक पूरा किया जाएगा। इससे पूर्व एनबीसीसी द्‌वारा एजेंसी की पूरी संतुष्टि के साथ नई दिल्ली में प्रतिष्ठित सीबीआई मुख्यालय हरित भवन का कार्य पूर्ण किया गया है।

एनबीसीसी और कलिंगा सामाजिक विज्ञान संस्थान (केआईएसएस) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए

दिनाँक 20 फरवरी, 2016, को नई दिल्ली में एनबीसीसी और कलिंगा सामाजिक विज्ञान संस्थान (केआईएसएस) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए इसके तहत एनबीसीसी द्‌वारा केआईएसएस, भुवनेश्वर को कक्षा सातवीं की 100 मेधावी जनजातीय लड़कियों/ स्त्रियों को छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु 3.15 लाख रुपए की राशि दी जाएगी। समझौते के मुताबिक, एनबीसीसी द्‌वारा अगले पांच वर्षों तक इन छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती रहेगी॥

एनबीसीसी ने एनएलसीके साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनबीसीसी ने चेन्नई में एनएलसीएल के कॉर्पोरेट कार्यालय भवन के निर्माण के लिए भारत सरकार के उद्यम, नेवेली लिग्नाइट कारपोरेशन लिमिटेड (एनएलसी) के साथ दिनाँक 17.02.2016 को एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। जीआरआईएचए / यूएसजीबीसी लीड रेटिंग के अनुरूप एनबीसीसी द्वारा निष्पादित की जाने वाली इस ग्रीन बिल्डिंग प्रोजेक्ट के लिए श्री एस.डी. शर्मा, कार्यकारी निदेशक (इंजी.), एनबीसीसी, और श्री महेश्वरन, सीआरएम,एनएलसीएल, चेन्नई के बीच हस्ताक्षर किए गए । परामर्श सहित परियोजना की लागत लगभग है 25करोड़ रुपये है।

एनबीसीसी ने एलिम्को के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

एनबीसीसी ने अलग ढंग से रांची, झारखंड में विकलांग व्यक्तियों /एंपुटीज़ को कृत्रिम अंग, एड्स व उपकरण के रूप में सहायक उपकरणों ट्राइसाइकिल , पहिया कुर्सियों, सुनवाई एड्स, कृट्च अक्सिला एडजस्टेबल, ब्रेल केन, एमएसआईईडी किट, ब्रेल किट, गोली, डेजी प्लेयर, ताल के साथ स्मार्ट फोन, स्मार्ट केन, मोटोराइज्ड ट्राइसाइकिल आदि वितरित करने हेतु आर्टीफ़ीशियल लिम्ब्स मेन्यूफ़ेक्चरिंग कार्पोरेशन आफ इंडिया (एलिम्को),के साथ 9 फरवरी को 2016 को नई दिल्ली में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए । इस परियोजना का उद्देश्य विकलांग व्यक्तियों के जीवन में स्थिरता सुनिश्चित करना है।

एनबीसीसी मनाता राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह

एनबीसीसी, सरकार भारत के नवरत्न उद्यम ने भारत सरकार के निर्देशानुसार उत्पादकता का संदेश प्रसारित करने के उद्देश्य से 12-18 फ़रवरी, 2015 के दौरान, राष्ट्रीय उत्पादकता सप्ताह -2016, मनाया । उत्सव के आयोजन के दौरान डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी ने विचार विमर्श सत्र में संबोधित किया । "उच्च उत्पादकता और सतत विकास के लिए कारोबार करना आसान"एवं "मेक इन इंडिया" विषयों पर राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद और आईआईएलएम से बाह्य संकायविशेषज्ञों को एनबीसीसी के प्रतिभागी अधिकारियों को संबोधित करने और उत्पादकता बढ़ाने और सतत विकास को बनाए रखने पर अपने विचारों को साझा करने के लिए,आमंत्रित किया गया था। कार्यक्रम में भाग लेने वाले अधिकारियों ने भी आपस में उत्पादकता पर अपने विचारों का आदान-प्रदान किया ।

एनबीसीसी को 2,526 करोड़ रुपये का कार्य आदेश प्राप्त

नई दिल्ली, 1 फ़रवरी 2016: सरकार के स्वामित्व वाली नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी को अकेले जनवरी 2016 के महीने में 2,526 करोड़ रुपये का आदेश मिला है । इसके साथ ही, जनवरी, 2016 तक वित्तीय वर्ष 2015-16 के लिए कंपनी की ऑर्डर बुक 17170 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। मीडिया से बात करते हुए एनबीसीसी के सीएमडी डॉ अनूप कुमार मित्तल ने बताया कि कंपनी ने हाल ही में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और आईटीपीओ से दिल्ली में कुछ प्रतिष्ठित काम हासिल किए है। इन दोनों कार्यों में एम्स से प्राप्त 2000 करोड़ रुपये का जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रामा सेंटर का विकास और 5828 करोड़ रुपये का आवासीय परिसरों का पुनर्विकास शामिल हैं। अन्य महत्वपूर्ण कार्य आदेश में हाल ही में आईटीपीओ से प्रगति मैदान, दिल्ली में एकीकृत प्रदर्शनी-सह-कन्वेंशन सेंटर के निर्माण का कार्य है जिसकी लागत लगभग 2200 करोड़ रुपये है। डॉ मित्तल ने कहा कि आईटीपीओ का काम मूल रूप से एक पुनर्विकास परियोजना है जिसमें मौजूदा ढांचे के विध्वंस के पश्चात प्रगति मैदान में विश्व व्यापार कार्यक्रम के सभी प्रकार के आयोजन के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण करना शामिल है। इस संदर्भ में, उन्होंने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंत तक एनबीसीसी करीब 40,000 करोड़ रुपये के कार्य आदेश और एक साल में लगभग 25% सीएजीआर की वृद्धि प्राप्त करने के लिए तैयार है।

भारत के माननीय प्रधानमंत्री ने कोयंबटूर में एनबीसीसी द्‌वारा निर्मित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का उद्‌घाटन किया:

माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कोयंबटूर, तमिलनाडु में दिनांक 02, फ़रवरी,2016 को 500 बिस्तरों वाले ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल उद्घाटन किया । माननीय प्रधानमंत्री उद्‌घाटन के बाद परियोजना के मॉडल को देखते हुए। मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एनबीसीसी, जोकि एक नवरत्न सीपीएसई है के द्वारा निष्पादित किया गया है और इस परियोजना का मूल्य 560 करोड़ रुपए है। तमिलनाडु के राज्यपाल डॉ के.रोसैया; श्रम और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री बंडारू दत्तात्रेय; सड़क परिवहन और राजमार्ग एवं जहाजरानी राज्य मंत्री, श्री पी राधाकृष्णन; तमिलनाडु के ग्रामीण उद्योग और श्रम मंत्री श्री पी मोहन ; सचिव (श्रम), भारत सरकार, श्री शंकर अग्रवाल ; डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ उपस्थित थे।

1960 में अपनी स्थापना के बाद से एनबीसीसी,द्‌वारा देश के विभिन्न हिस्से में राज्य सरकारों , ईएसआईसी और अन्य सरकारी निकायों के लिए कई अस्पताल और मेडिकल कॉलेज परियोजनाओं को क्रियान्वित किया गया है। विदेशों अर्थात माले और काठमांडू में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परियोजनाओं को कार्यांवित किया गया है। वर्तमान में कंपनी बिहटा, पटना में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल वर्क्स तथा के.के. नगर, चेन्नई; मंडी (हिमाचल प्रदेश); लखनऊ (उत्तर प्रदेश), परेल और अंधेरी (मुंबई); कानपुर में अस्पतालों का कार्य कर रही है। इन परियोजनाओं का अनुमानित मूल्य 4000 करोड़ रुपए है।

माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री द्‌वारा एनबीसीसी परियोजना स्थल का दौरा

माननीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री द्‌वारा एनबीसीसी परियोजना स्थल का दौरा : माननीय केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री, भारत सरकार , श्री थावरचंद गहलोत, द्‌वारा 4 फरवरी, 2016 को जनपथ, नई दिल्ली में डॉ अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर के परियोजना स्थल का निरीक्षण किया गया, इस अवसर पर उनके साथ डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी ; श्री बी.एल. मीणा, संयुक्त सचिव (बीसीडी और एससीडी ए) तथा सदस्य सचिव, डॉ अंबेडकर फाउंडेशन; श्री एस.के. चौधरी, निदेशक (परियोजना) और एनबीसीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, उपस्थित रहे। परियोजना को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के लिए एनबीसीसी द्वारा कार्यान्वित किया जा रहा है,जिसकी लागत 185 करोड़ रुपए है।

एनबीसीसी द्‌वारा अपने महाप्रबंधकों के लिए संवाद के प्रथम संस्करण का आयोजन

निगमित विकास की रणनीति और नीतिगत मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए एनबीसीसी के आंतरिक मंच संवाद में कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को संबोधित करते हुए डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी। यह कार्यक्रम इंडिया हैबिटेट सेंटर, नई दिल्ली में 8 जनवरी 2016 को आयोजित किया गया। एनबीसीसी द्वारा शुरू किए गए इस अभिनव मंच का उद्‌देश्य नए विचारों को विकसित करने और परिचालन में सुधार और तेजी से विकास के लिए महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान करने के लिए कंपनी के सभी महाप्रबंधक स्तर के अधिकारियों के लिए वार्षिकबुद्धिशीलता सत्र और संरचित विचार विमर्श करना है। कार्यक्रमके दौरान, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने डिजिटल भारत के तहत पारदर्शिता की दिशा में वेंडर शिकायत पोर्टल और ऑनलाइन वार्षिक संपत्ति रिटर्न पोर्टल का शुभारंभ किया। इससे पहले सीजीएम और उच्च स्तर के अधिकारियों के लिए त्रैमासिक संवाद के तीन संस्करणों का आयोजन किया गया।

एनबीसीसी द्‌वारा एम्स ट्रामा सेंटर का विकास किया जाएगा: समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी और डॉ एम सी मिश्रा, निदेशक, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली में जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रामा सेंटर के द्‌वितीय चरण के विकास के लिए 21 दिसम्बर, 2015 को हस्ताक्षर करने के बाद सहमति पत्र दस्तावेज़ का आदान प्रदान किया । इस परियोजना की लागत लगभग 3000 करोड़ रुपए है जो 15 एकड़ जमीन पर विकसित किया जाएगा । इस केंद्र में अन्य विस्तारित इलाज की सुविधा के साथ 2250 मरीजों के लिए बेड की सुविधा होगी।

एनबीसीसी को गवर्नेंस नाउ पीएसयू पुरस्कार -2015 प्राप्त

श्री मनोज सिन्हा, माननीय रेल राज्य मंत्री द्‌वारा एनबीसीसी को प्रतिष्ठित गवर्नेंस नाउ पीएसयू पुरस्कार -2015 प्रदान किया गया। श्री राजेन्द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य) और श्री नीलेश शाह,कार्यकारी निदेशक ने एनबीसीसी की ओर से यह पुरस्कार प्राप्त किया। परिसंपत्ति उपयोग प्लेटिनम श्रेणी के तहत सर्वश्रेष्ठ वित्तीय प्रदर्शन हेतु एनबीसीसी को गवर्नेंस नाउ पत्रिका(राजनीतिक पाक्षिक) द्‌वारा 17 दिसम्बर, 2015 को सम्मानित किया गया था।

एनबीसीसी तथा आईसीआई सोसायटी के बीच नोएडा (उत्तर प्रदेश) और तिरुपति (आंध्र प्रदेश) में भारतीय पाककला संस्थान के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर : श्री राजेन्द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य), एनबीसीसी और डॉ. प्रीति श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार, नोएडा (उत्तर प्रदेश) और तिरुपति (आंध्र प्रदेश) में भारतीय पाककला संस्थान के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद दस्तावेजों को प्रदर्शित करते हुए । इन परियोजनाओं की लागत लगभग 188.00 करोड़ रुपये है।

वार्षिक निवेशक सम्मेलन 2015, मुंबई में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी, का निवेशकों और विश्लेषकों को संबोधन।

डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी ने आईडीएफसी सिक्योरिटीज द्वारा 18-20 नवम्बर 2015 को मुंबई में आयोजित " स्टॉक काल्ड इंडिया " वार्षिक निवेशक सम्मेलन में भाग लिया। डॉ मित्तल ने विदेशी और स्वदेशी संस्थागत निवेशकों, विश्लेषकों, वित्तीय संस्थाओं और मीडिया कर्मियों सहित बड़े निवेश वर्ग को संबोधित किया । "सीईओ ट्रैक" थीम नाम से मुख्य आईडीएफसी सम्मेलन के दौरान स्टॉक के विभिन्न मुद्दों के साथ-साथ उन्होंने एनबीसीसी के विकास की कहानी, सफलता, कंपनी के भविष्य के दृष्टिकोण और परिचालन की रणनीति का एक विस्तृत ब्यौरा दिया।

एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, को सीईओ,ऑफ द ईयर अवार्ड प्राप्त हुआ।

विश्व सीएसआर कांग्रेस द्वारा 27 नवंबर 2015 को मुंबई में आयोजित एबीपी न्यूज ब्रांड उत्कृष्टता (बी. ई.) पुरस्कार समारोह में डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी, को " सीईओ ऑफ द ईयर अवार्ड 2015 " से सम्मानित किया गया। डॉ मित्तल, ने वर्ष 2013 में नवरत्न सीपीएसई के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य भार ग्रहण किया तथा तेजी से विकास के लिए कंपनी के लिए अनेक व्यापारिक प्रयास किए हैं। उन्होंने हाल ही में एनबीसीसी के पुनर्विकास कार्य के साथ ही स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की भारी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एनबीसीसी द्वारा नई दिल्ली में परामर्शदाता सम्मेलन आयोजित

'नई दिल्ली में हाल ही में आयोजित एनबीसीसी परामर्शदाता कॉन्क्लेव के अवसर पर डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी दिखाई दे रहे हैं। पारदर्शिता और सुशासन कार्यप्रणाली को स्थापित करने के कंपनी के नवीन प्रयासों के क्रम में आयोजित कॉन्क्लेव का उद्‌देश्य देश भर में फैली कंपनी की परियोजनाओं के निष्पादन के संबंध में सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करना तथा संगठन और उसके परिचालन सफलता के व्यापक हित में कंपनी और उसके सहयोगियों के बीच आपसी समझ को बनाए रखना था।

'एनबीसीसी स्मार्ट हब' पवेलियन को भारतीय अतंरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2015 में गोल्ड ट्राफी पुरस्कार प्राप्त

नवंबर, 2015, नई दिल्ली: नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन लिमिटेड द्‌वारा भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में लगाए गए 'एनबीसीसी स्मार्ट हब' पवेलियन को पीएसयू वर्ग के तहत इस वर्ष का सर्वश्रेष्ठ पवेलियन घोषित किया गया है। केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सर्वश्रेष्ठ पवेलियन के लिए एनबीसीसी को गोल्ड ट्राफी पुरस्कार प्रदान किया। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण भी इस पुरस्कार समारोह में उपस्थित रही|
इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2015 में एनबीसीसी की भागीदारी अनूठी है क्योंकि जापान, मलेशिया और कोरिया सहित 50 सहयोगियों द्‌वारा एनबीसीसी स्मार्ट हब पवेलियन में स्मार्ट निर्माण से संबंधित अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया गया है। आगंतुकों द्‌वारा निर्माण के क्षेत्र में और विशेष रूप से स्मार्ट सिटी अवधारणाओं पर परियोजनाओं के निष्पादन में एनबीसीसी की पहल की सराहना की गई।
इस साल के व्यापार मेले में, एनबीसीसी स्मार्ट हब पवेलियन देश में निर्माण के क्षेत्र में हो रहे व्यापक क्रांतिकारी बदलावों तथा पर्यावरण को ध्यान में रखकर, स्मार्ट सुविधाओं , तेजी से निर्माण तकनीक का समावेश करके हब तथा वाणिज्यिक स्थलों के विकास को प्रदर्शित किया गया जिसमें स्मार्ट विशेषताओं, तीव्र निर्माण की तकनीकों इत्यादि का उपयोग करने के साथ-साथ पर्यावरण और संधारणीयता का भी ध्यान रखा गया है।

एनबीसीसी के 55 वें स्थापना दिवस का आयोजन

16 नवंबर, 2015 को नई दिल्ली में एनबीसीसी के 55 वें स्थापना दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माननीय शहरी विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार श्री बाबुल सुप्रियो, समारोह के मुख्य अतिथि थे। डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री डी.एस. मिश्रा,अवर सचिव (शहरी विकास), एनबीसीसी के सभी निदेशकगण और अन्य विशिष्ट अतिथि इस अवसर पर उपस्थित थे। इस अवसर पर बोलते हुए श्री सुप्रियो ने विशेष रूप से हाल के वर्षों में देश की विकास दर, इसकी उपलब्धियों और व्यापार के प्रदर्शन में एनबीसीसी के उत्कृष्ट योगदान की सराहना की। डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने कंपनी के प्रयास तथा सरकार की पहल में अपनी भागीदारी के लिए प्रतिबद्धता का संक्षिप्त ब्यौरा दिया। कंपनी की परंपरा के अनुसार, कर्मचारियों को उत्कृष्टता पुरस्कार 2015 भी माननीय मुख्य अतिथि द्वारा प्रदान किए गए। पुरस्कार समारोह के पश्चात प्रसिद्ध बॉलीवुड गायक श्री सोनू निगम और उनके समूह द्वारा दो घंटे की अद्‌भुत संगीतमय प्रस्तुति की गई।

निर्माण क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव को दर्शाता एनबीसीसी स्मार्ट हब पवेलियन

श्री बाबुल सुप्रियो, माननीय शहरी विकास राज्य मंत्री, भारत सरकार ने 14 नवंबर, 2015 को हॉल संख्या 4, आईटीपीओ, प्रगति मैदान, नई दिल्ली में "एनबीसीसी स्मार्ट हब पवेलियन" का उद्‌घाटन किया। इस अवसर पर माननीय मंत्री के साथ डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी तथा कंपनी के सभी निदेशक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2015 में एनबीसीसी की भागीदारी अनूठी है क्योंकि जापान, मलेशिया और कोरिया सहित 50 सहयोगियों द्‌वारा एनबीसीसी स्मार्ट हब पवेलियन में स्मार्ट निर्माण से संबंधित अपने उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित किया है। सभी स्टालों का दौरा करने के बाद इस अवसर पर माननीय मंत्री ने निर्माण के क्षेत्र में और विशेष रूप से स्मार्ट सिटी अवधारणाओं पर परियोजनाओं के निष्पादन में एनबीसीसी की पहल की सराहना की। डॉ मित्तल,ने माननीय मंत्री को स्मार्ट हब एनबीसीसी पवेलियन दिखाने के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एनबीसीसी निर्माण क्षेत्र में मूल्य संवर्धन के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और वर्तमान में संपूर्ण राष्ट्र में स्मार्ट शहरों के विकास तथा सरकारी संपत्ति के पुनर्विकास पर भी ध्यान दे रहा है । उन्होंने विशेष रूप से हाल मे एनबीसीसी की बड़ी परियोजनाओं ईस्ट किदवई नगर, नई दिल्ली के पुनर्विकास, टीओडी मानकों के अनुरूप पूर्वी दिल्ली हब, कड़कड़डूमा, लेक व्यू परिसर, त्रिलोकपुरी तथा स्मार्ट सिटी का विशेष रूप से जिक्र किया।
इस साल के व्यापार मेले में एनबीसीसी स्मार्ट हब पवेलियन देश में निर्माण के क्षेत्र में हो रहे व्यापक क्रांतिकारी बदलावों तथा पर्यावरण को ध्यान में रखकर स्मार्ट सुविधाओं , तेजी से निर्माण तकनीक का समावेश करके हब तथा वाणिज्यिक स्थलों के विकास को प्रदर्शित कर रहा है। एनबीसीसी पवेलियन में कंपनी द्वारा कार्यान्वयन की जा रही 5000 करोड़ रुपये की ईस्ट किदवई नगर-पुनर्विकास परियोजना का मॉडल प्रदर्शित किया गया है जो निर्माण गतिविधियों में सौंदर्य और संधारणीयता के जुड़ाव को प्रदर्शित करती है।

एनबीसीसी की दूसरी तिमाही के निवल लाभ में 12.50% की बढ़ोतरी

शहरी विकास मंत्रालय के अधीन नवरत्न उद्‌यम ,नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी), द्‌वारा सितंबर 2015 को समाप्त तिमाही और छमाही के लिए 12.56% की वृद्धि के साथ 68.29 करोड़ रुपये का निवल लाभ दर्ज किया गया है पिछले वर्ष की इसी तिमाही में यह राशि 60.67 करोड़ रुपए थी।कंपनी के अध्यक्ष-एवं प्रबंध निदेशक, डॉ अनूप कुमार मित्तल ने दूसरी तिमाही के परिणामों के बारे में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि कंपनी लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रही है तथा कंपनी की आदेश बही में 30,000 करोड़ रुपये के अधिक के कार्य आदेश मौजूद हैं जो लगातार बढ़ रहे हैं। एनबीसीसी के बिजनेस आउटलुक के बारे में बताते हुए डॉ मित्तल ने कहा कि आने वाले वर्षों में कंपनी का फोकस क्षेत्र मुख्य रूप से पीएमसी और पुनर्विकास कार्य पर रहेगा। डॉ मित्तल ने यह भी कहा कि पुनर्विकास के मोर्चे पर एनबीसीसी द्‌वारा पहले से ही दिल्ली में डीडीए कार्य, ओडिशा सरकार से पुनर्विकास कार्य, एनएड्ब्ल्यूएडीसीओ , एयर इंडिया इत्यादि से बड़े कार्य प्राप्त किए जा चुके हैं। उन्होंने आगे बात करते हुए कहा कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)से एक और बहुत महत्वपूर्ण पुनर्विकास कार्य बहुत जल्द ही हमें प्राप्त होने की संभावना है। कंपनी के कुल कारोबार दृष्टिकोण को देखते हुए उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वित्तीय वर्ष 2015-16 के अंत तक 25% की सीएजीआर प्राप्त होगी तथा आदेश बही 40,000 करोड़ रुपये तक पहुँचने की संभावना है।

मुख्य सूचना आयुक्त द्‌वारा एनबीसीसी में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का उद्‌घाटन

श्री विजयी शर्मा, मुख्य सूचना आयुक्त; डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक;मुख्य सतर्कता अधिकारी , एनबीसीसी के निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी, औपचारिक रूप से निगम कार्यालय में सतर्कता जागरूकता सप्ताह का उद्‌घाटन करने के बाद, 26 अक्तूबर, 2015 को एनबीसीसी सतर्कता पोस्टर जारी करते हुए । इससे पूर्व डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध ने वरिष्ठ अधिकारियों, के साथ सभी कर्मचारियों को सतर्कता शपथ भी दिलाई। इसके अलावा एनबीसीसी में सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों में सतर्कता से संबंधित मुद्दों पर विभिन्न वार्ता, वाद-विवाद इत्यादि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ।

यूके प्रतिनिधि मण्‍डल द्वारा न्‍यू मोती बाग जीपीआरए कॉम्‍पलेक्‍स का दौरा

सुश्री अम्‍बेर रूड, संसद सदस्‍य, राज्‍य सचिव एवं ऊर्जा और जलवायु परिवर्तन, यूके; सर जेम्‍स बिवन केसीएमजी, भारत में ब्रिटीश उच्‍चायुक्‍त ने दिनांक 22-09-2015 को न्‍यू मोती बाग जीपीआरए कॉम्‍पलेक्‍स का दौरा किया, श्रीमती मीनाक्षी लेखी, माननीय संसद सदस्‍य, भारत; डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक; श्री राजेन्‍द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्य); श्री आर. के. अग्रवाल, मुख्‍य महाप्रबंधक (न्‍यू मोती बाग) तथा एनबीसीसी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी इस दौरान उनके साथ रहे। यह परिसर एनबीसीसी द्वारा शहरी विकास मंञालय, भारत सरकार के लिए पुनर्विकसित किया गया है ।

सल्तनत ऑफ ओमान के प्रतिनिधिमंडल

श्री खालिद हामेद सैफ अल बुसैदी, अध्यक्ष, अल-नबा होल्डिंग एलएलसी, की अगुआई में सल्तनत ऑफ ओमान के प्रतिनिधिमंडल ने दिनाँक 6 अक्टूबर 2015 को एनबीसीसी के निगमित कार्यालय का दौरा किया और हमारे अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, डॉ. अनूप कुमार मित्तल और कंपनी के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ व्यापार संबंधी विचार-विमर्श किया ।

केबिनेट सचिव द्‌वारा दक्षिणी दिल्ली में एनबीसीसी द्‌वारा निर्मित सार्वजनिक शौचालय का उद्‌घाटन

सरकार द्‌वारा चलाए जा रहे स्वच्छ भारत मिशन के लगातार प्रयासों के क्रम में श्री पी.के.सिन्हा , केबिनेट सचिव, भारत सरकार द्‌वारा दिनांक 2 अक्टूबर,2015 को भीकाजी कामा प्लेस, नई दिल्ली में रिंग रोड के बाजू में निर्मित सार्वजनिक शौचालय का उद्‌घाटन किया गया। इस अवसर पर श्री मधुसूदन प्रसाद, सचिव (यूडी) ,श्री डी. एस. मिश्रा , अपर सचिव (यूडी), एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ. अनूप कुमार मित्तल , श्री केवल कुमार शर्मा, मुख्य सचिव , दिल्ली सरकार,श्री चेतन बी. सांघी, प्रधान सचिव, शहरी विकास मंत्रालय एवं निदेशक स्थानीय निकाय,डॉ.पुनीत कुमार गोयल, आयुक्त , दक्षिणी दिल्ली नगर निगम; श्री सुभाष आर्य महापौर , दक्षिणी दिल्ली नगर निगम; श्री धर्मवीर सिंह, निगम पार्षद, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम; एनबीसीसी के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
भारत सरकार की नवरत्न सीपीएसई एनबीसीसी द्‌वारा 14.50 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस मॉड़्यूलर शौचालय की संरचना खुले स्थान में शौच को रोकने के उद्‌देश्य से की गई है तथा इसका निर्माण कंपोजिट बोर्ड से किया गया है। शौचालय बिना जोड़ वाले पूर्व निर्मित एकल मॉड़्यूल से बना हुआ है तथा इसके आंतरिक भाग जोड़ एवं नुकीले कोने रहित हैं जिसके कारण धूल के जमा होने से बचाव होगा। शारीरिक रूप से चुनौतिपूर्ण महिलाओं एवं पुरुषों की सुविधा के लिए बनाए गए इस सार्वजनिक शौचालय में बिजली की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सौर पैनल प्रदान की गई है। अपशिष्ट निपटान जोकि प्राथमिक महत्व का मुद्‌दा है इसके समाधान के लिए, पूरी प्रणाली को पहले से ही विद्‌यमान भूमिगत सीवर लाइन से जोड़ा गया है। वर्ष 2014 के बाद से भारत सरकार द्‌वारा आरंभ किए गए स्वच्छ भारत अभियान के अग्रणी प्रयास के रूप में शहरी विकास मंत्रालय के संरक्षण में एनबीसीसी द्‌वारा उठाया गया यह एक महत्वपूर्ण कदम है।अक्टूबर 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत मिशन के प्रक्षेपण के दौरान मंदिर मार्ग, नई दिल्ली में उपयोगकर्ताओं के अनुकूल बने हुए सार्वजनिक शौचालय का निर्माण एनबीसीसी द्‌वारा किया गया था जिसका उद्‌घाटन स्वयं प्रधानमंत्री द्वारा गया था । एनबीसीसी अपनी सीएसआर योजना के तहत पूरे देश भर में विभिन्न राज्यों में ग्रामीण लड़कियों के स्कूलों में हजारों की संख्या में शौचालयों के निर्माण का कार्य निष्पादित कर रही है।

शहरी विकास मंत्री ने आईआईटी रुड़की – एनबीसीसी अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्र का उद्‌घाटन किया

श्री एम. वेंकैया नायडू, केन्‍द्रीय शहरी विकास मंत्री ने आज आईआईटी के ग्रेटर नोएडा विस्‍तार केन्‍द्र (जीएनईसी) स्‍थित आईआईटी रुड़की – सतत सिविल अवसंरचना से संबंधित एनबीसीसी अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्र का उद्‌घाटन किया। इस समारोह में अन्‍य लोगों के साथ डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी और प्रो. प्रदीप्‍त बनर्जी, निदेशक, आईआईटी रुड़की भी उपस्‍थित हुए थे। एनबीसीसी और आईआईटी रुड़की की शुरुआत होने पर शुभकामनाएं व्‍यक्‍त करते हुए मंत्री महोदय ने आज के वातावरण में अनुसंधान और विकास की जरुरतों पर बल दिया और कहा कि सतत अनुसंधान के माध्‍यम से हुए नव-प्रवर्तन के परिणाम स्‍वरुप ही राष्‍ट्र के अवसरंचनात्‍मक विकास के कार्यों में तीव्र गति लायी जा सकती है। इस अवसर पर, मंत्री महोदय ने इस उपक्रम में एनबीसीसी और आईआईटी रुडकी दोनों को सरकार की ओर से सभी संभव सहायता प्रदान करने का आवश्‍वासन भी दिया। उन्‍होंने कहा कि अनुसंधान और नव-प्रवर्तन के कारण ही 2022 तक सभी के लिए आवास के लक्ष्‍य को प्राप्‍त करने और 100 स्‍मार्ट शहर बनाने के सरकार के वर्तमान कार्यक्रम में आवश्‍यक गति आएगी, क्‍योंकि इन उद्‌यमों के लिए नई निर्माण प्रौद्योगिकियों को अपनाना, बेहतर निर्माण सामग्री, निर्विघ्‍न एवं द्रुत कार्यान्‍वयन के लिए उन्‍नत कौशल अपेक्षित होगा।
अपने स्‍वागत भाषण में डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने इस महत्‍वाकांक्षी परियोजना की स्‍थापना के उद्देश्‍यों की संक्षिप्‍त रुपरेखा के बारे में बताया और कहा कि यह केन्‍द्र अनुसंधान कार्य, प्रशिक्षण, कार्यशालाओं का आयोजन विस्‍तारपूर्वक करेगा और निर्माण प्रौद्योगिकी में सतत नव-प्रवर्तन एवं निर्माण के क्षेत्र में हरित/स्‍मार्ट विशेषताओं पर ध्‍यान देगा। इस संयुक्‍त अनुसंधान एवं विकास केन्‍द्र की प्रारंभिक वैधता की अवधि पांच वर्ष की होगी। इस अवधि के दौरान, एनबीसीसी आईआईटी रुड़की के लिए रु 5.00 करोड रुपए मूल्‍य की अनुसंधान परियोजना प्रायोजित करेगा। यहां यह उल्‍लेख करना उपयुक्‍त प्रतीत होता है कि एनबीसीसी ने मोड्यूलर निर्माण विकल्‍प के कार्यान्‍वयन लिए पहले ही तीन परियोजनाए प्रायोजित की हैं : (i) ढहाव अपशिष्‍ट का पुन:प्रयोग (ii) कृषि अपशिष्‍ट आधारित एक्‍सीलरेटर (iii) आईआईटी रुड़की पर स्‍थित नए व्‍याख्‍यान सभागार काम्‍पलैक्‍स के लिए मॉड़्यूलर निर्माण विकल्प।

एनबीसीसी ने सद्भावना दिवस मनाया

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी ने स्‍वर्गीय राजीव गांधी के जन्‍म दिवस 20 अगस्‍त, 2015 को निगम के मुख्यालय, नई दिल्‍ली में एनबीसीसी के कर्मचारियों को सदभावना शपथ दिलायी। डा. मित्‍तल के पार्श्‍व में उपस्‍थित थे : सर्वश्री एस.के. पाल, निदेशक (वित्‍त) ; राजेन्‍द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्‍य) और संजीव स्‍वरुप, मुख्‍य सतर्कता अधिकारी।

एनबीसीसीसी को प्रथम तिमाही में 31% से अधिक लाभ

शहरी विकास मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन सरकार के नवरत्‍न उद्यम एनबीसीसी ने जून, 2015 को समाप्‍त तिमाही के लिए गत वर्ष की इसी तिमाही में 33.52 करोड़ रुपए की तुलना में 44.08 करोड़ रुपए के शुद्ध लाभ में 31.3% की वृद्धि की है। कंपनी की इस उल्‍लेखनीय वृद्धि का कारण वर्ष-दर-वर्ष 840.8 करोड़ रुपए से बढ़ते हुए 1149.2 करोड़ रुपए की वृद्धि करके इसके राजस्‍व में 36.7% की वृद्धि को प्रेरित करने से हुआ है, जिसमें सभी खंडों में हुई वृद्धि शामिल है। कंपनी के परियोजना प्रबंधन परामर्शी व्‍यापार में वार्षिक आधार पर 30.4% की वृद्धि हुई जो 24.3% तक के ईबीआईटी सहित 970.6 करोड़ रुपए है।

एनबीसी ने एनआईटी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी, प्रो. अजय के. शर्मा, निदेशक, राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान(एनआईटी), दिल्‍ली और श्री एन.पी. अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी की गौरवमयी उपस्‍थिति में नरेला, दिल्‍ली में राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान के स्‍थायी कैम्‍पस के विकास के लिए 12 अगस्‍त 2015 को हस्‍ताक्षर होने के पश्‍चात समझौता ज्ञापन से संबंधित दस्‍तावेज प्रदर्शित किए। इस अवसर पर एनबीसीसी के निदेशक और एनआईटी एवं एनबीसीसी के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे। यह उल्‍लेख किया जा सकता है कि एनबीसीसी पूरे देश में विभिन्‍न एनआईटी और आईआईटी के लिए कई परियोजनाओं का कार्यान्‍वयन करता रहा है।

एनबीसीसी ने कोरिया लैंड एंड हाउसिंग कोरपोरेशन (एलएच) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी, श्री राजेन्‍द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्‍य), एनबीसीसी और प्रो. ली की-यील, निदेशक, कोरिया लैंड एंड हाउसिंग कोरपोरेशन की गौरवमयी उपस्‍थिति में पहली अगस्‍त 2015 को हस्‍ताक्षर होने के पश्‍चात समझौता ज्ञापन से संबंधित दस्‍तावेज प्रदर्शित किए। उनके पार्श्‍व में उपस्‍थित थे: एनबीसीसी के निदेशक और वरिष्‍ठ अधिकारी तथा कोरियाई शिष्‍टमंडल के सदस्‍य। इस समझौता ज्ञापन के माध्‍यम से रणनीतिक निगम ने भारत में और कोरिया गणतंत्र में स्‍मार्ट शहर परियोजनाओं के संबंध में विशेषज्ञता के आदान-प्रदान और संयुक्‍त अन्‍वेषण के लिए करार किया है। यहां यह उल्‍लेख किया जा सकता है कि टीओडी मानदण्‍डों एवं स्‍मार्ट शहर संकल्‍पना पर क्रमश: 75 एकड़ और 25 एकड़ माप की डीडीए भूमि पर एनबीसीसी दिल्‍ली में दो विशाल परियोजनाओं नामत: पूर्वी दिल्‍ली हब, कड़कड़डूमा, नई दिल्‍ली और लेक व्‍यू काम्‍पलेक्‍स, त्रिलोकपुरी, नई दिल्‍ली का विकास कर रहा है।

एनबीसीसी ने आईजीएनटीयू के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

प्रो. टी.वी. कट्टीमणि, माननीय उप कुलपति, इंदिरा गांधी राष्‍ट्रीय जनजातीय विश्‍विद्यालय (आईजीएनटीयू), श्री एन.पी. अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी और श्री अलोक शरोतिया, पंजीयक, आईजीएनटीयू की गौरवमयी उपस्‍थिति में 27.07.2015 को अमरकण्‍टक (मध्‍य प्रदेश) में समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन आईजीएनटीयू के मुख्‍य और मध्‍य प्रदेश स्‍थित क्षेत्रीय कैम्‍पस के विकास के लिए है। इस अवसर पर श्री प्रदीप शर्मा, एजीएम(इंजी.), एनबीसीसी भी उपस्‍थित थे।

एनबीसीसी के अध्‍यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक पुरस्‍कृत : वर्ष के सर्वश्रेष्‍ठ रियल एस्‍टेट उद्यमी अध्‍यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक पुरस्‍कार

हाल ही में 24 एमआरसी नेटवर्क द्वारा नई दिल्‍ली में आयोजित 2015 लीडर्स अवार्ड समारोह में डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी को “वर्ष के सर्वश्रेष्‍ठ रियल एस्‍टेट उद्यमी अध्‍यक्ष एवं प्रबंधक निदेशक पुरस्‍कार” से सम्‍मानित किया गया है। अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी की ओर से श्री राजेन्‍द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्‍य), एनबीसीसी कार्यक्रम में पुरस्‍कार प्राप्‍त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह पुरस्‍कार डा. मित्‍तल को व्‍यापार के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रदान किया गया है।

एनबीसीसी द्वारा दिल्‍ली आईआईपीए कैम्‍पस का पुनर्विकास किया जाना

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी और डा. तिष्‍यारक्षित चटर्जी, आईएएस (सेवानिवृत्‍त), निदेशक, भारतीय लोक प्रशासन संस्‍थान (आईआईपीए) आईआईपीए कैम्‍पस, दिल्‍ली के पुनर्विकास के लिए 22 जुलाई, 2015 को हस्‍ताक्षर करने के बाद समझौता ज्ञापन दस्‍तावेज का आदान-प्रदान करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस परियोजना की लागत 435 करोड रुपए है। यहां यह उल्‍लेख करना है कि एनबीसीसी ने मोती बाग जीपीआरए काम्‍पलेक्‍स, नई दिल्‍ली के पुनर्विकास का कार्य पहले ही निष्‍पादित कर चुका है और 5000 करोड रुपए की एक अन्‍य परियोजना पूर्वी किदवई नगर पुनर्विकास, नई दिल्‍ली का कार्य भी इस समय चल रहा है।

एनबीसीसी तथा डीडीए के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

डॉ अनूप कुमार मित्तल, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी एवं श्री बलविंदर कुमार, उपाध्यक्ष, दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) द्वारा हाल ही में लेक व्यू परिसर, त्रिलोकपुरी, नई दिल्ली के समन्वित विकास के लिए, एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं । एनबीसीसी द्वारा टीओडी मानदंडों के अनुसार पूर्वी दिल्ली हब, कड़कड़डूमा, नई दिल्ली के विकास के लिए , दिल्ली विकास प्राधिकरण(डीडीए) के साथ एक और समझौता ज्ञापन पर पहले ही हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।

डा. ए.पी.जे. अब्‍दुल कलाम, माननीय भारत के भूतपूर्व राष्‍ट्रपति ‘एनबीसीसी राष्‍ट्रीय निर्माण कंक्‍लेव-2015’ का उद्‌घाटन के अवसर पर दीप प्रज्‍वलित करते हुए

डा. ए.पी.जे. अब्‍दुल कलाम, माननीय भारत के भूतपूर्व राष्‍ट्रपति; श्री एम. वेंकैया नायडू, माननीय केन्‍द्रीय शहरी विकास मंत्री, भारत सरकार और डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी, एनबीसीसी 23 जून,2015 को नई दिल्‍ली में कंपनी द्वारा आयोजित ‘एनबीसीसी राष्‍ट्रीय निर्माण कंक्‍लेव-2015’ के पहले वार्षिक आयोजन के उद्‌घाटन के लिए दीप प्रज्‍वलन को देखते हुए और उनके साथ एनबीसीसी के निदेशक भी दिखाई दे रहे हैं। देश में अपने प्रकार के इस पहले कंक्‍लेव का उद्देश्‍य था, “2022 तक सभी के लिए आवास पुनर्सघन/ पुनर्विकास” और ‘अपशिष्‍ट से समृद्धि – अपशिष्‍ट प्रबंधन’। भविष्‍य के लिए एक रुपरेखा तैयार करने के उद्देश्‍य से सतत आवासीय अवसंचना के सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के लिए इसमें हितधारियों, विशेषज्ञों और व्‍यावसायियों ने भाग लिया था।

एनबीसीसी द्वारा निर्मित एसवीपीएनपीए अधिकारी क्‍लब का उद्‌घाटन

श्री किरन रीजीजू, माननीय गृह राज्‍य मंत्री, भारत सरकार और श्रीमती अरुणा बहुगुणा, निदेशक, एसवीपीएनपीए ने हैदराबाद स्‍थित सरदार वल्‍लभभाई पटेल राष्‍ट्रीय पुलिस अकादमी (एसवीपीएनपीए) के एनबीसीसी निर्मित अधिकारी क्‍लब का उद्‌घाटन किया। चित्र में श्री एस.डी. शर्मा, कार्यकारी निदेशक (दक्षिण), एनबीसीसी और उनके साथ एनपीए एवं एनबीसीसी के अन्‍य कार्यकारी भी दिखाई दे रहे हैं।

एनबीसीसी ने एनआईसीएल के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी, नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कार्पोरेशन लिमिटेड(एनबीसीसी) और श्री राजेश अग्रवाल, आईएएस, सीएमडी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (एनआईसीएल) 12 जून, 2015 को हस्‍ताक्षर करने के बाद समझौता ज्ञापन के दस्‍तावेज प्रदर्शित करते हुए। इस समझौता ज्ञापन पर 150 करोड रुपए की लागत से फाइनेंशियल हब, न्‍यू टाऊन, कोलकाता में एनआईसीएल के लिए एनबीसीसी द्वारा एक नए कारपोरेट कार्यालय के भवन के निर्माण के संबंध में हस्‍ताक्षर किए गए हैं। चित्र में एनबीसीसी और एनआईसीएल के वरिष्‍ठ अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं। हाल ही में एनबीसीसी ने अनुमानत: 250 करोड रुपए की लागत से न्‍यू टाऊन, राजरहाट, कोलकाता स्‍थित कोल इंडिया लिमिटिड के अति परिष्‍कृत हरित संरचना से युक्‍त कार्यालय भवन का निर्माण किया है।

एनबीसीसी द्वारा निर्मित एनडीआरएफ अर्ध स्‍थायी संरचना का उद्‌घाटन

श्री ओ.पी. सिंह, महानिदेशक, एनडीआरएफ ने 5वीं बटालियन, एनडीआरएफ, पुणे के लिए 10.06.2015 को एनबीसीसी द्वारा निर्मित अर्ध स्‍थायी संरचनाओं का उद्‌घाटन किया। चित्र में सर्वश्री योगेश शर्मा, सीजीएम; एम.शशि कुमार, एनबीसीसी के डीजीएम और उनके साथ एनडीआरएफ एवं सीआरपीएफ के वरिष्‍ठ अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं। परियोजना का मूल्‍य 214.00 लाख रुपए है और इसे निर्धारित तारीख के भीतर ही पूरा कर लिया गया है।

श्री राजेन्‍द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्‍य), एनबीसीसी में नियुक्‍त

श्री राजेन्‍द्र चौधरी, वरिष्‍ठ कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी को भारत सरकार के कार्यालय आदेश संख्‍या ओ-17034/1/2015-पीएस दिनांक 8 जून, 2015 द्वारा कंपनी के निदेशक (वाणिज्‍य) के पद पर नियुक्‍त किया गया है। श्री चौधरी ने नई दिल्‍ली स्‍थित कॉरपोरेट कार्यालय में निदेशक (वाणिज्‍य) के पद का कार्यभार संभाल लिया है।

एनबीसीसी ने सीआरईसीएम – अमोना के साथ एमओबीई पर हस्‍ताक्षर किए

श्री राजेन्‍द्र चौधरी, निदेशक (वाणिज्‍य), एनबीसीसी, श्री अब्‍दुल हमीद बिन मोहम्‍मद, प्रबंध निदेशक, अमोना ग्रुप और श्री दातो सालेह बिन लाया, कार्यकारी निदेशक, सीआरईसीएम, मलेशिया 10 जून 2015 को क्रमश: एनबीसीसी और सीआरईसीएम – अमोना की ओर से एमओबीई पर हस्‍ताक्षर करते हुए। इस अवसर पर उपस्‍थित डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी; श्री एस.के. पाल, निदेशक (वित्‍त); श्री एस.के. चौधरी, निदेशक (परियोजना) और एनबीसीसी एवं मलेशियाई सरकार के दल के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी दिखाई दे रहे हैं। नई दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन के समीपवर्ती क्षेत्र के पुनर्विकास के अन्‍वेषण के लिए इस रणनीतिक साझेदारी के संबंध में करार किया गया है।

एमएनआरई राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान, गुडगांव

श्री पीयूष गोयल, माननीय विद्युत एवं कोयला राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), भारत सरकार, अत्‍याधुनिक एमएनआरई राष्‍ट्रीय सौर ऊर्जा संस्‍थान, गुडगांव, जोकि एनबीसीसी द्वारा निष्‍पादित एक हरित भवन है, का 14 मई, 2015 को उद्घाटन करने के पश्‍चात एनबीसीसी की दर्शक पुस्‍तिका में अपने उदगार व्‍यक्‍त करते हुए दिखाई दे रहे हैं। माननीय मंत्री के साथ खडे डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी, एनबीसीसी उन्‍हें लिखते हुए देख रहे हैं। यह ऊर्जा दक्ष हरित भवन जीआरआईएचए 5-स्‍टार रेटिड है जिसमें कार्यालय भवन (भूतल+5), होस्‍टल ब्‍लाक (भूतल+1) और लगभग 12000 वर्ग मीटर क्षेत्रफल का निर्मित क्षेत्र है।

परामर्शदाताओं की सभा, हाल ही में एनबीसीसी द्वारा नई दिल्‍ली में आयोजित

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी हाल ही में नई दिल्‍ली में आयोजित एनबीसीसी परामर्शदाता सभा में कंपनी के वरिष्‍ठ कार्यकारियों के साथ दिखाई दे रहे हैं। कंपनी के नियमित रूप से आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के एक भाग के रूप में आयोजित इस सभा का उद्देश्‍य एनबीसीसी की पूरे देश में फैली परियोजनाओं के निष्‍पादन के संबंध में सभी महत्‍वपूर्ण मामलों पर ध्‍यान देना और उनका समाधान करना है और संगठन और इसकी प्रचालनात्‍मक सफलता के व्‍यापक हितों को देखते हुए कंपनी और इसकी सहायक कंपनियों के बीच पारस्‍परिक समझ को बनाए रखना है।

एनबीसीसी ने संवाद के दूसरे संस्‍करण का आयोजन किया

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी, एनबीसीसी, कंपनी के संवाद – कॉरपोरेट विकास रणनीति एवं नीतिगत मामलों के संबंध में तिमाही विचार-विमर्श के लिए एक संस्‍थागत मंच - के दूसरे संस्‍करण में वरिष्‍ठ कार्यकारियों को संबोधित करते हुए। एनबीसीसी द्वारा इस नवीन प्रकार के मंच की हाल ही में शुरुआत करने का लक्ष्‍य है प्रचालनात्‍मक सुधार और द्रुत विकास के लिए नए विचार सामने रखना और महत्‍वपूर्ण समस्‍याओं का समाधान करने के लिए तिमाही आधार पर विचारावेग एवं संरचित विचार-विमर्श का आयोजन करना।

माननीय प्रधान मंत्री ने एनबीसीसी परियोजना का उद्घाटन किया

श्री नरेन्‍द्र मोदी, माननीय प्रधान मंत्री, भारत सरकार ने हाल ही में आसूचना ब्‍यूरो के लिए एनबीसीसी द्वारा निष्‍पादित राष्‍ट्रीय आसूचना अकादमी (एनआईए) भवन, द्वारका, नई दिल्‍ली का उद्घाटन किया, जिसकी लागत 75 करोड रुपए है। माननीय प्रधान मंत्री के साथ सर्वश्री राजनाथ सिंह, माननीय केन्‍द्रीय गृह मंत्री, किरण रिजीजू, माननीय केन्‍द्रीय गृह राज्‍य मंत्री, अजीत डवाल, राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, एल.सी. गोयल, सचिव, गृह मंत्री, दिनेश्‍वर शर्मा, निदेशक (आईबी) थे। इस अवसर पर मंत्रालय, आसूचना ब्‍यूरो और एनबीसीसी के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे।

एनबीसीसी ने आतंकवाद विरोधी दिवस मनाया

डा. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी और श्री एस.के. चौधरी, निदेशक (परियोजना) ने आतंकवाद विरोधी दिवस के अवसर पर 21 मई, 2015 को कॉरपोरेट कार्यालय, नई दिल्‍ली में सभी कर्मचारियों को आतंकवाद विरोधी शपथ दिलायी। श्री एस.के. पाल, निदेशक (वित्‍त), श्री राजेन्‍द्र चौधरी, वरिष्‍ठ कार्यकारी निदेशक (वाणिज्‍य) और अन्‍य वरिष्‍ठ कार्यकारी भी उपस्‍थित थे।

एनबीसीसी और एनएडब्‍ल्‍यूएडीसीओ के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर

श्री राजेन्‍द्र चौधरी, वरिष्‍ठ कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी और श्री बदरुद्दीन खान, कार्यकारी निदेशक, एनएडब्‍ल्‍यूएडीसीओ, बंगलौर और जोधपुर में वक्‍फ की सम्‍पत्‍तियों के विकास के लिए हस्‍ताक्षरित समझौता ज्ञापन से संबंधित दस्‍तावेज का आदान-प्रदान करते हुए। इस समझौता ज्ञापन पर 13 मई, 2015 को हस्‍ताक्षर किए गए थे। इस अवसर पर सर्वश्री आर.एस. सक्‍सेना, वरिष्‍ठ परामर्शदाता, एनएडब्‍ल्‍यूएडीसीओ, ए.मुमूर्ति, महाप्रबंधक और एनबीसीसी के अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे।
एनएडब्‍ल्‍यूएडीसीओ की चार (04) सम्‍पत्‍तियों का विकास किया जाना है। इसमें से बंगलौर में तीन (03) और जोधपुर में एक (01) है। इन दोनों परियोजनाओं का संयुक्‍त मूल्‍य लगभग 400 करोड रुपए है।

रूसी शिष्‍टमंडल के साथ एनबीसीसी के कॉरपोरेट कार्यालय में व्‍यवसाय संबंधी बैठक

रूसी फेडरेशन के ट्रेड कमीशन के प्रतिनिधित्‍व में शिष्‍टमंडल ने हाल ही में एनबीसीसी के कॉरपोरेट कार्यालय का दौरा किया और सर्वश्री एस.के. चौधरी, निदेशक (परियोजना), राजेन्‍द्र चौधरी, वरिष्‍ठ कार्यकारी निदेशक (वाणिज्‍य) और एन.पी. अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक (बीडी), एनबीसीसी के साथ निर्माण के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग के संबंध में संयुक्‍त रूप से विचार-विमर्श किया।

एनबीसीसी की पुनर्संरचित वेबसाइट लॉच की गई,

डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी के साथ में श्री एस.के. पाल, निदेशक (वित्‍त) द्वारा निगमित कार्यालय में 18.04.2014 को एक कार्यक्रम में कंपनी की पुनर्संरचित वेबसाइट लॉच की गई इस अवसर पर कंपनी के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। संपूर्ण वेबसाइट एनबीसीसी के कार्मिकों द्वारा तैयार की गई है।

एनबीसीसी द्वारा आंतरिक शक्तियों के विकास तथा तनावमुक्‍त जीवन पर कार्यक्रम आयोजित

एनबीसीसी के निगमित कार्यालय, नई दिल्‍ली में कंपनी के वरिष्‍ठ अधिकारियों के लिए तनाव मुक्‍त जीवन पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका संचालन ब्रह्म कुमारी ईश्‍वरीय विश्‍वविद्यालय द्वारा किया गया।

एनबीसीसी के अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, सीबीआई के निदेशक को आईजीबीसी ग्रीन भवन प्रमाणन सौंपते हुए।

डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी सिल्‍वर रेटिंग की आईजीबीसी ग्रीन भवन प्रमाणन ट्राफी-2015, श्री अनिल कुमार सिन्‍हा, निदेशक, सीबीआई को सौंपते हुए। एनबीसीसी द्वारा सीबीआई मुख्‍यालय भवन कार्य के लिए आईजीबीसी द्वारा हाल ही में ग्रीन बिल्डिंग प्रमाणन एनबीसीसी को प्रदान किया है। सर्वश्री रुपक कुमार दत्‍ता, अपर निदेशक, आर.पी. अग्रवाल, संयुक्‍त सचिव (प्रशा.) सीबीआई तथा श्रीमती रेशमा दुदानी, महाप्रबंधक, एनबीसीसी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।

एनबीसीसी द्वारा अपने मंत्रालय के साथ वार्षिक समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए।

शहरी विकास मंत्रालय (एमओयूडी), भारत सरकार के अधीन एनबीसीसी एक नवरत्‍न सीपीएसई द्वारा शहरी विकास मंत्रालय के साथ वर्ष 2015-16 के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्‍ताक्षर किए गए। शहरी विकास मंत्रालय की ओर से श्री मधुसूदन प्रसाद, आई ए एस, सचिव, (यूडी) भारत सरकार तथा एनबीसीसी की ओर से डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, सीएमडी, एनबीसीसी द्वारा इस वार्षिक एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए गए।

वर्ष 2015-16 के समझौता ज्ञापन में वित्‍तीय पैरामीटरों, डायनेमिक पैरामीटरों, सेक्‍टर वि‍शिष्‍ट तथा एंटरप्राइज विशिष्‍ट पैरामीटरों के आधार पर कंपनी के विशेष कार्य निष्‍पादन लक्ष्‍य निर्धारित किए गए हैं। बिक्री टर्नओवर का लक्ष्‍य 4600 करोड़ रुपये है। वर्ष के दौरान नए आदेश का लक्ष्‍य 6500 करोड़ रुपये लक्षित है कंपनी की सकल प्रचालन मार्जिनदर 11.20% रखी गयी है।

एनबीसीसी को दलाल स्ट्रीट पीएसयू पुरस्कार

श्री राजेन्द्र चौधरी, वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक, एनबीसीसी विदेश राज्य मंत्री, भारत सरकार जन. वी.के. सिंह से दलाल स्ट्रीट पीएसयू पुरस्कार का सूचीबद्ध पीएसई का पुरस्‍कार में बेस्ट वेल्थ क्रिएटर पुरस्कार प्राप्त करते हुए। नई दिल्‍ली में दलाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा आयोजित कार्यक्रम में एनबीसीसी को यह पुरस्कार प्रदान किया गया।

एनबीसीसी ने एससीओएमआई के साथ एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए।

अनुभव एवं विशेषज्ञता को साझा करके आपसी लाभ के लिए मोनोरेल / मास रैपिड ट्रांजिट प्रणाली (एमआरटीसी) के निष्‍पादन एवं संयुक्‍त रुप से व्‍यापार को बढ़ाने के लिए दिनॉक 19.03.2015 को एमओयू हस्‍ताक्षर करने के पश्‍चात डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंधक, एनबीसीसी श्री एस. के. चौधरी, निदेशक (परियोजनाएं) एनबीसीसी, श्री कनेसन वेलुपिल्लई, सीईओ, एससीओएसआई इंजीनियरिंग, बीएचडी, मलेशिया। साथ में सर्वश्री राजेन्द्र चौधरी, वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (वाणिज्य) एवं ए.पी. अग्रवाल, कार्यकारी निदेशक (व्यापार प्रसार) तथा एससीओएमआई के अन्य अधिकारी चित्र में नजर आ रहे हैं।

एनबीसीसी की महिला कर्मचारियों ने अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया

एनबीसीसी निगमित कार्यालय तथा दिल्ली एनसीआर की महिला कर्मचारियों द्वारा निगमित कार्यालय में दिनॉक 20 मार्च,2015 को अन्तरारष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में महिला – सशक्तीकरण जैसे उत्पादन बढ़ाने, जीवन प्रबंधन, जीवन शैली रिइंजीनियरी तथा प्रश्नमंच प्रतियोगिता आयोजित किए गए जिनमें कंपनी की महिला कर्मचारियों ने भाग लिया। डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक को मुख्‍य अतिथि के रुप में आमंत्रित किया गया उनके साथ सर्वश्री एस.के. पाल निदेशक (वित्‍त), एस.के. चौधरी, निदेशक (परियोजनाएं), राजेन्‍द्र चौधरी, वरिष्‍ठ कार्यकारी निदेशक तथा एन.पी. अग्रवाल, का‍र्यकारी निदेशक भी उपस्थित रहे।

स्वच्छ भारत रत्‍न पुरस्‍कार

डॉ. अनूप कुमार मित्‍तल, अध्‍यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, एनबीसीसी को स्‍वच्‍छ भारत ट्रस्‍ट एवं वर्ल्‍ड क्रिएटीविटी साइंस एसोसिएशन द्वारा दिल्‍ली में दिनांक 16मार्च, 2015 को स्‍वच्‍छ भारत रत्‍न पुरस्‍कार 2015 प्रदान किया गया।



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